बड़सर बना खुला डस्ट बिन, जगह-जगह पर हैं कूड़े के ढेर

भले ही देश में एक और जहां पर सफाई को लेकर सरकार इतनी सख्ती कर रही व बेशक ही हिमाचल प्रदेश सरकार ने पॉलीथीन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा रखा है और इसे सख्ती से अम्ल में भी लाया जा रहा हो, लेकिन अन्य राज्यों से भारी मात्रा में प्लास्टिक के पैक्ट व बैग सामान धड़ल्ले से आ रहा है जिस पर कि राज्य सरकार का कोई भी कंट्रोल नहीं है |

प्रमुख कस्बों में जगह-जगह पॉलीथीन कूड़े के ढेर लगे हैं

हमीरपुर के अंतर्गत आने वाले बिझड़ी, मैहरे, भोटा, दियोटसिद्ध, बड़सर, सलौनी, चकमोह, महारल आदि कस्बों में जगह-जगह पॉलीथीन कूड़े के ढेर लगे हैं लेकिन प्रशासन की इस बदबूरदार गंदगी पर कोई लगाम नहीं है और न ही तो प्रशासन इसकी कोई सुध नहीं ले रहा। बरसात होने की वजह से इन कस्बों में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। प्रशासन की इस अनदेखी की वजह से प्लास्टिक व गंदगी से शहर के सौंदर्य को मानो ग्रहण सा लग गया है, जिसका कि बहुत बड़ा असर यहां के लोगों के व्यापार व स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।

पॉलीथीन पर प्रतिबंध लगने के बाद भी डिपो की दालें पॉलीथीन में क्यों

सरकार ने पॉलीथीन पर प्रतिबंध लगाया हुआ है पर खाद्य आपूर्ति विभाग के डिपो में दालें व अन्य खाद्य सामग्रियां पॉलीथीन के पैकेटों में बंद होकर आ रही हैं, इसके साथ साथ नामी ब्रांडेड कंपनियों का खाने का सामान भी पॉलीथीन में ही आता है, फिर ऐसे में अभियान सफल होता नहीं दिख रहा।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन कि इस नाकामी पर दोष जताते हुए कि प्रदेश सरकार ने पॉलीथीन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है, जिसका कोई भी फायदा नहीं है। अन्य राज्यों से ज्यादातर सामान प्लास्टिक के बैग में आता है, पेयपदार्थ व अन्य खाद्य सामग्री प्लास्टिक की बोतलों में आ रही है। पहाड़ में पॉलीथीन का प्रयोग एक अभिशाप है, क्योंकि अभियान तो सिर्फ कागजों में ही सिमट कर रह गया है। बब्बी शर्मा, अध्यक्ष व्यापार मंडल बिझड़ी, संजय पठानिया, संजय शर्मा, निवासी चकमोह

हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा प्लास्टिक व पॉलीथीन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। उन्होंने कहा कि जिन व्यापारियों द्वारा पॉलीथीन को प्रयोग में लाया जाएगा उन्हें जुर्माना किया जाएगा। वहीं, पॉलीथीन को खुले में फैंकने पर बाजार कमेटियों को हिदायत दी जाएगी। — प्रदीप कुमार, एसडीएम बड़सर

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