किन्नौर में बादल फटने से खरोगला नाला में आयी बाढ़, शेष दुनिया से कटा रकछम

जिला किन्नौर के सांगला के खरोगला नाला में सोमवार 22 जुलाई 2019 की दोपहर के बाद अचानक से पानी का स्तर बढ़ने से भीषण बाढ़ आ गई है । बाढ़ के कारण वन विभाग को लाखों का नुकसान हुआ साथ ही रक्षम और बटसेरी गांव के ग्रामीणों के सारे सेब बगीचे भी इसकी चपेट में आ गए ।

वन विभाग द्वारा बनाया गया पैदल पुल भी इसकी चपेट में आकर बह गया, वहीं इसके साथ ही कई पौधों की नर्सरी तबाह होने से वन विभाग को लगभग 50 लाख का नुकसान हो गया है।

हिमाचल वन निगम उपाध्यक्ष सूरत नेगी ने खरोगला नाला का निरीक्षण किया

खरोगला नालाअचानक में बाढ़ आने से सुरज सिंह नेगी, मुकेश नेगी, इंद्र भगत नेगी, गोपाल नेगी, दमोदर नेगी, मनोज लोकटस, तुलसी राम नेगी, प्रताप सिंह नेगी, देवराज नेगी राकेश लोकटस, ठाकुर सिंह लोकटस, सनम छोपले, चतरू राम, पदम सिंह शिव प्यारे लाल, पदम राम और रक्षम में जय प्रकाश नेगी सहित नरेश नेगी आदि किसानों के सेब के बगीचे बाढ़ की चपेट में आ गए।

बाढ़ आने की सूचना मिलने के बाद हिमाचल वन निगम उपाध्यक्ष सूरत नेगी ने खरोगला नाला का निरीक्षण किया व बाढ़ प्रभावित लोगों से मिले। सूरत नेगी ने बटसेरी, चिस्पान, खरोगला और रक्षम के लोगों को जल्द से जल्द मुआवजा देने का आश्वासन दिया है।

पहाड़ों में लगातार बारिश होने के कारण खरोगला नाला में आयी बाढ़

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ऊपर पहाड़ों में लगातार बारिश होने व बादल फटने के कारण खरोगला नाला में लगातार पानी बढ़ने से रकछम, छितकुल लिंक मार्ग पर बना पुल भी खतरे में पड़ है।

अगर ये पुल के ढह गया तो रकछम पंचायत और छितकुल पंचायत का संपर्क मार्ग कभी भी कट सकता है। सांगला के तहसीलदार विक्रमजीत सिंह ने बताया कि बाढ़ आने से बासपा नदी के आसपास रहने वाले लोगों को अपने मकान खाली करने के निर्देश प्रशासन ने दिए गए हैं, साथ ही प्रशासन की टीम ने लोगों के नुकसान का मुआयना करना शुरू कर दिया है।

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