स्कूल में स्मार्टफोन लाने वाले विद्यार्थियों पर रखी जायगी पैनी नजर

School students will be placed on bringing smartphones

शिमला जिला में मोबाइल फोन का सही इस्तेमाल कम और गलत का इस्तेमाल ज्यादा हो रहा है। ज्यादातर स्कूली विद्यार्थियों की तरफ से ही स्मार्टफोन पर अश्लील सामग्री देखने के कई मामले सामने आ चुके हैं। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए बाल कल्याण मंडल ने इसका संज्ञान लिया है। बाल कल्याण मंडल ने सरकार से स्कूलों में स्मार्टफोन चलाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने की अपील की है। सरकार ने बाल कल्याण मंडल का पत्र शिक्षा विभाग को भेज दिया है।

बच्चों पर पूरी निगरानी रखी जाए कि वे कौन सी वेबसाइट देख रहे है : शिक्षा विभाग

निदेशक, उच्च शिक्षा निदेशालय डॉ प्रमोद चौहान ने सोमवार को बाल कल्याण मंडल के पत्र के आधार पर उप-निदेशकों, स्कूलों और कॉलेजों के सिद्धांतों को निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने बाल कल्याण मंडल की रिपोर्ट का हवाला देते हुए सरकारी स्कूलों में शिक्षकों को स्मार्टफोन साथ लाने वाले विद्यार्थियों पर पैनी नजर रखने को कहा है। विद्यार्थी के मोबाइल फोन में कौन सी वेबसाइट को देख रहे हैं, उस पर निगरानी रखने के लिए कहा गया है। इसके लिए आधुनिक तकनीक का भी प्रयोग किया जाएगा।शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बाल कल्याण समिति के सामने कुछ मामले हैं जिनमें स्कूली छात्र स्मार्टफोन पर पोर्न वेबसाइट देखते हैं।

स्कूल प्रबंधक फ़ोन को अपने कब्जे में लेकर बच्चों के माता पिता को बुलाएँगे स्कूल

विद्यार्थी के मोबाइल फोन इस्तेमाल को लेकर बाल कल्याण मंडल ने सरकार को पत्र भेजकर स्कूलों में स्मार्टफोन का इस्तेमाल पूरी तरह बंद करने को कहा है। जो छात्र इसके बाद भी स्कूल में फ़ोन लेकर आते है, उन बच्चों के फ़ोन जब्त कर लिए जायेगें उनके माता पिता को स्कूल आकर खुद फ़ोन ले जाने होंगे।

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