हिमाचल प्रदेश में इस साल सवा लाख बच्चे देंगे पांचवीं और आठवीं कक्षा की परीक्षा, फेल होने पर मिलेगा एक और मौका

हिमाचल प्रदेश के स्कूलों में पढ़ने वाले लगभग सवा लाख बच्चे इस साल में पांचवीं और आठवीं कक्षा की परीक्षा में भाग लेंगे। शीतकालीन स्कूलों की दिसंबर और ग्रीष्मकालीन स्कूलों के बच्चों की वार्षिक परीक्षाएं मार्च में होंगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पांचवीं में 63 हजार और आठवीं कक्षा में 65 हजार बच्चे में पढ़ रहे हैं।

वार्षिक परीक्षा में फेल होने वाले विद्यार्थियों को दो माह में फिर परीक्षा का मिलेगा मौका

हमारी राज्य सरकार ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम संशोधन 2019 को लागू करने का फैसला कर लिया है। बीते वीरवार को हुई मंत्रिमंडल बैठक में इस शैक्षणिक सत्र से ही पांचवीं कक्षा और आठवीं कक्षा के बच्चों को अगली कक्षा में जाने के लिए परीक्षा पास करने की व्यवस्था लागू कर दी है। जिसके चलते इन दोनों कक्षाओं की परीक्षाओं के लिए राज्य स्कूल शिक्षा बोर्ड प्रश्नपत्र तैयार करेगा। और साथ में उत्तर पुस्तिकाएं भी बोर्ड ही उपलब्ध करवाएगा। इसके साथ ही जिला उपनिदेशक उत्तर पुस्तिकाओं की जांच करवाएंगे। इस साल से वार्षिक परीक्षा में फेल होने वाले विद्यार्थियों को दो माह में फिर परीक्षा का मौका मिलेगा। जिस से उनका एक साल बर्बाद न हो सके। इन दो माह के भीतर फेल हुए विद्यार्थियों के लिए स्कूल में ही एक्सट्रा क्लास लगाई जाएगी।

दोबारा होने वाली परीक्षा में भी फेल होने वाले विद्यार्थियों को अगली कक्षा में नहीं भेजा जाएगा

स्कूल बोर्ड ने यह भी फैंसला लिया है कि जो बच्चा दोबारा परीक्षा में फेल हो गया। उन विद्यार्थियों को अगली कक्षा में नहीं भेजा जाएगा। इस साल से पहली से चौथी और छठी और सातवीं कक्षा के सभी विद्यार्थियों को असेसमेंट आधार पर ही अगली कक्षा में दाखिला दिया जाएगा। साथ में इन कक्षाओं के लिए नो डिटेंशन पॉलिसी जारी की जाएगी।

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