किन्नौर में 3 जगह फटे बादल, काज़ा जाने वाला NH-5 बंद

हिमाचल प्रदेश में आजकल जग़ह जग़ह पर भरी तबाही मचा रखी है, कोई भी जिला या तहसील ऐसी नहीं बची है जिसको कि बारिश का प्रकोप न सहना पड़ा हो | किन्नौर जिले में 3 से अधिक स्थानों पर बादल फटने और बाढ़ आने से 4 जल विद्युत परियोजनाओं से बिजली 3212 मैगावाट बिजली उत्पादन ठप्प हो गया है जबकि NH-5 दो स्थानों पर अवरुद्ध है। साथ ही पूर्वनि को जोडऩे वाले तांगलिंग पुल भी बाढ़ की बजह से बह गया है। कानम नामक स्थान में बाढ़ की चपेट में आने से एक पिकअप बह गया। सूत्रों के अनुसार वीरवार को किन्नौर जिले के ऊपरी क्षेत्र कानम, मूरंग नाला, तंगलिंग और सांगला घाटी के टोंगतोंगचे नाला में बादल फटने के बाद बनी बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जल विद्युत परियोजनाओं को बंद करना पड़ा है।

सिल्ट के कारण बिजली परिजयोजना हुई ठप्प, डैम के गेट भी खोले गए

हिमाचल प्रदेश में बारिश ने भारी तबाही मचाही है | किन्नौर ज़िला में तीन से अधिक स्थानों पर बादल फटने और बाढ़ आने से 4 जल विद्युत परियोजनाओं से बिजली 3212 मेगावॉट बिजली उत्पादन ठप हो गया है. नेशनल हाइवे 5 दो स्थानों पर अवरुद्ध है और पूर्वनी को जोड़ने वाले तांगलिंग पुल भी बह गया है| कानम नामक स्थान में बाढ़ की चपेट में आने से एक पिकअप भी बह गया | सतलुज नदी में अधिक सिल्ट के कारण एक हजार मैगावट की करछम वांगतू, बास्पा नदी में बनी 300 मेगावाट की बास्पा चरण दो, सतलुज नदी में बनी 1500 मेगावाट की नाथपा झाकड़ी और 412 मेगावाट की रामपुर हाइड्रो परियोजना से बिजली उत्पादन बन्द कर दिया गया है. सिल्ट अधिक होने के कारण करछम और नाथपा बांध के द्वार खोल दिए गए है|

स्पिलो व शासो खड्ड के बीच में NH बंद, प्रशाशन ने ज़ारी लिया अलर्ट

ज्ञात रहे कि बाढ़ के कारण राष्ट्रीय उच्च मार्ग किन्नौर के स्पिलो और शासो खड्ड के बीच के रास्ता बंद है। साथ ही रिब्बा नाला और रूंग नाला में जलस्तर बढ़ गया है, जबकि अभी भी ऊपरी क्षेत्रों में बारिश लगातार हो रही है। कुछ स्थानों पर बाढ़ के कारण लोगों के सेब बगीचों को भी क्षति पहुंची है। हालांकि स्थिति नियंत्रण में है। किन्नौर और रामपुर पुलिस ने नदी तट के लोगों को सावधानी बरतने के लिए कहा है।

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