कौड़ियों के दाम पर बेचने के बाद भी मंडियों में लगे हुए हैं सेब के ढेर

एक ओर जहां हिमाचल का सेब की बजह से पूरी दुनिआ में इतना नाम है वहीं इस बार सेब के किसानों या ठेकेदारों के लालच के चलते हिमाचली सेब के दाम बुरी तरह से गिर गए हैं | लगभग सारे बागवानों में सेब तोड़ने की ऐसी होड़ लगी पड़ी है कि सेब पकाने के लिए अंधाधुंध नए नए स्प्रे कर रहे हैं, जिस के चलते सेब तो पक गए लेकिन अपनी पहचान खो रहे हैं कियोंकि जल्दी से जल्दी पका कर मंडी पहुंचाने की भेड़चाल में मंडियों में सेब बहुत ज्यादा हो गया ओर दाम एक दम से गिर गए |

मौसम की मार भी बड़ी बजह बनी, बारिश के कारण ढुलाई भी प्रभावित

इस सब के साथ साथ हिमाचल में बारिशों का दौर चल रहा है, व् ऎसे में मौसम की मार से हिमाचली सेब की ढुलाई भी बुरी तरह से प्रभावित हुई है। मंडियों में तो सेब के ढेर लग रहे हैं लेकिन मैदानी इलाकों में बाढ़ के कारण सेब की आगे सप्लाई प्रभावित होने लगी है। वैसे भी स्प्रे किया हुआ सेब मंडियों में ज्यादा देर तक नहीं रोका जा सकता, कियोंकि वो तोड़ने के बाद भी बड़ी तेज़ी से पक रहा है, ऊपर से ज्यादा पका सेब खरीदा नहीं जा रहा है |

किसानों को सेब को जल्द पका कर तोड़ने के लालच में हुआ भरी नुक्सान

हिमाचल प्रदेश सब्जी व फल उत्पादक संघ के अध्यक्ष श्री हरीश चौहान ने बताया कि सेब के बागवानों को संयम रखना चाहिए व स्प्रे कर सेब पकाने से परहेज़ करना चाहिए | उन्होंने ये भी कहा कि बागवान मौसम को देखते हुए भी कम मात्रा में सेब तोड़ें। बरसात में इस समय मैदानी इलाकों में अधिकांश क्षेत्र बाढ़ प्रभावित हैं, जिस के कारण सेब के ट्रकों को बाहरी राज्यों में पहुंचाने में परेशानी हो रही है। जब बाजार मांग से कई गुणा ज्यादा सेब मंडियों में पहुंचाया जा हां है व सेब की कीमत गिरती जा रही है यही बागवानों की आर्थिक परेशानी का कारण बना है।

Even after selling at a price of a penny, heaps of apples are still in the Markets

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