पांच जिलों को बागवानी विकास प्रोजेक्ट से रखा गया है वंचित : राकेश पठानिया

विधायक राकेश पठानिया ने बताया है कि राज्य के पांच जिलों कांगड़ा, हमीरपुर, ऊना, बिलासपुर और मंडी को इस बार बागवानी विकास प्रोजेक्ट से वंचित रखा गया है।

प्रदेश के निचले क्षेत्रों के जिलों की 4500 हेक्टेयर भूमि बाहर करना गलत : राकेश पठानिया

विधायक का कहना है कि इन जिलों में भी आम, लीची, अमरूद, संतरा, किवी, अनार आदि फलों की पैदावार करने वाले बागवानों को भी विश्व बैंक के 1134 करोड़ के प्रोजेक्ट का लाभ उठाने का मौका दिया जाए जिस वजह से इन जिलों के बागवानों की आर्थिक आय में बढ़ाबा हो सके। इसके साथ ही ये भी कहा कि सीए स्टोरों का निर्माण भी जरूरी है। इस बारे में बागवानी मंत्री शुक्रवार को जवाब देंगे। यह बात पठानिया ने बुधवार को नियम 130 के तहत विश्व बैंक की मदद सहायता से चल रहे बागवानी विकास प्रोजेक्ट का मामला सदन में उठाते हुए कहा था कि प्रदेश के ऊपरी क्षेत्रों के जिलों को तो इसका पूरा लाभ मिलता है, लेकिन प्रदेश के निचले क्षेत्रों के जिलों की 4500 हेक्टेयर भूमि बाहर करना गलत है।

निचले क्षेत्र के बागवानों के लिए सेब के अलावा अन्य फलों के उत्तम किस्म के पौधे कराए जाएं उपलब्ध कराए

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विधायक ने यह भी कहा है कि निचले क्षेत्र के बागवानों के लिए सेब के साथ-साथ अन्य फलों के उत्तम किस्म के पौधे दिए जाएं। इन फलों के लिए पौधे विदेशों से मंगाने की बजाय आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल और गुजरात से मंगाए जाएँ। क्योंकि पौधे नौणी विश्वविद्यालय और बागवानी विभाग के नर्सरियों में भी तैयार हो सकते हैं।