टैक्सियों में GPS सिस्टम लगाने के नए नियम से टैक्सी चालकों में रोष, जमकर हुयी नरेबाजी

हिमाचल प्रदेश परिवहन विभाग ने नई टैक्सी की खरीद में GPS सिस्टम जबरन लगाने के नियम से टैक्सी चालकों रोष फ़ैल गया है। इसको लेकर मंडी – सुन्दरनगर के सुकेत टैक्सी आपरेटर यूनियन ने कड़ा विरोध करते हुए सरकार व परिवहन विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की | उन्होंने कहा हम टैक्सी अपन रोज़ी रोटी कमाने के लिए चलाते हैं, कियोंकि वो बेरोज़गार हैं और विभाग का ये नियम नहीं एक तुगलकी फरमान है व् GPS सिस्टम जबरन लगाने के तुगलकी फरमान से बेरोजगार टैक्सी चालकों की परेशानियां बढ़ गई हैं।

जबरन 15 हजार रुपए मूल्य का जीपीएस सिस्टम लगवाने का आरोप

सुकेत टैक्सी ऑपरेटर यूनियन के चेयरमैन श्री विपिन शर्मा ने बताया कि हिमाचल प्रदेश परिवहन विभाग की मनमानी से बेरोजगार टैक्सी चालकों को नई टैक्सी गाड़ी खरीदने पर जबरन 15 हजार रुपए मूल्य का जीपीएस सिस्टम लगवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसके साथ नई परमिशन लेने के लिए विभाग नो एंप्लॉयीज सर्टिफिकेट और लो इन्कम सर्टिफिकेट मांगते हैं, जो कि समय और पैसे कीबर्बादी है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार से इतनी अधिक शर्तों को लगाकर विभाग ने बेरोजगार टैक्सी चालकों की कमर तोड़ दी है। उन्होंने कहा कि बिना GPS सिस्टम से नई टैक्सी पास नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि टैक्सी चालक अपने परिवार को चलाने के लिए गाड़ी के लिए बैंक से लोन लेता है और महीने की किश्त के साथ रोड टैक्स, ग्रीन टैक्स, पैसेंजर टैक्स अदा करता है। उन्होंने इन सभी शर्तों का कड़ा विरोध जताते हुए नई टैक्सी गाड़ी की खरीद पर जीपीएस सिस्टम लगाने की अनिवार्यता पर रोक लगाने की मांग की है।

सस्ते जीपीएस सिम्टम मुहैया करवाने का आग्रह

विपिन शर्मा ने जताया कि अगर जल्द जीपीएस सिस्टम की कीमतें नहीं घटाई गई तो उन्हें सड़कों पर उतरना पड़ेगा, जिसकी जिम्मेवार प्रदेश सरकार व परिवहन विभाग होगा। इस मौके पर चुन्नी लाल पितांबर लाल, जितेंद्र कुमार, तारा चंद, होशियार सिंह, सुरज गुप्ता, रमेश कुमार, युसूफ खान, लेखराम आदि ने कड़ा विरोध जताया।

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