हिमाचल प्रदेश में सरकार संस्कृत भाषा को लोकप्रिय के लिए देगी ज़ोर – जयराम ठाकुर

Government Himachal Pradesh emphasis popularize Sanskrit language

शिमला में आजकल एक समारोह का आयोजन हिमाचल राज्य संस्कृत शिक्षा परिषद, हिमाचल संस्कृत अकादमी, हिमाचल संस्कृति एवं कला अकादमी व संस्कृत भारती हिमाचल प्रदेश के सौजन्य से किया जा रहा है। जिस में सोमवार को मुख्यमंत्री श्री जय राम ठाकुर ने कहा कि संस्कृत भाषा को प्रदेश की दूसरी भाषा घोषित किया जायेगा, ख़ास बात ये रही कि सप्ताह भर चलने वाले संस्कृत सप्ताह के उपलक्ष्य में आयोजित इस समारोह को मुख्यमंत्री ने सम्बोधन अधिकतर संस्कृत भाषा में ही किया ।

प्राचीन भारत में ‘देवभाषा’ व देवताओं की भाषा

समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्कृत को प्राचीन भारत में ‘देवभाषा’ व देवताओं की भाषा के नाम से जाना जाता रहा है, जिस का प्रचलन समय के साथ साथ काम होता गया । उन्होंने कहा कि संस्कृत साहित्य के कोष में कविता व् नाटक के साथ-साथ वैज्ञानिक, तकनीकी, दार्शनिक और धार्मिक ग्रन्थों से भरपूर है। उन्होंने कहा कि हिन्दुओं के धार्मिक अनुष्ठानों और बौद्ध धर्म के मंत्रों व भजनों में संस्कृत भाषा का व्यापक रूप से प्रयोग होता रहा है।

प्राथमिक स्कूलों में अब संस्कृत पढ़ाने की तैयारी

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि संस्कृत विश्व की सबसे अधिक आदुनिक कंप्यूटर अनुकूल भाषा है। सरकार प्रदेश में संस्कृत भाषा को लोकप्रिय बनाने के लिए प्रतिबद्ध है अतः सभी सरकारी प्राथमिक स्कूलों में संस्कृत भाषा पढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। जिस से कि संस्कृत की खोई पहचान पुन: स्थापित करने व इसे आमजन में अधिक लोकप्रिय बनाने के लिए शास्त्री अध्यापकों जिन्होंने बीoएडo की है, उन्हें टीजीटी संस्कृत री-डेजीगनेट करने की मांग पर मंत्रिमंडल में सहानुभूतिपूर्वक विचार होगा।

सरकार संस्कृत को अधिक लोकप्रिय बनाने के लिए प्रतिबद्ध

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने इस संस्कृत समारोह में कहा कि इस वित्त वर्ष के दौरान 50 स्कूलों व 50 महाविद्यालयों में संस्कृत प्रयोगशालाएं शुरू की जाएंगी। वहीं, हिमाचल के शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि संस्कृत लाहुल स्पीति जिले के एक गांव में बोली जाने वाली मुख्य भाषा है। यदि संस्कृत का और प्रचार किया जाए तो यह अन्य राज्यों के लोगों के मध्य एक कड़ी के रूप में काम कर सकती है। हिमाचल देश का एकमात्र ऐसा राज्य था जहां देवनागरी को विशेष रूप से प्रयोग में लाया गया।

हिमाचल प्रदेश में खुलेगा संस्कृत विश्वविद्यालय

संस्कृत भारत ट्रस्ट के उत्तरी ज़ोन के कार्यकारी सचिव जय प्रकाश ने कहा कि संस्कृत किसी एकमात्र सम्प्रदाय की भाषा नहीं है, बल्कि एक ऐसी भाषा है, जिसे विश्व की प्राचीनतम भाषा होने का गौरव प्राप्त है। उन्होंने कहा कि देश में 17 संस्कृत विश्वविद्यालय हैं और शीघ्र ही हिमाचल प्रदेश में एक और संस्कृत विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा।

इस समारोह का आयोजन हिमाचल राज्य संस्कृत शिक्षा परिषद, हिमाचल संस्कृत अकादमी, हिमाचल संस्कृति एवं कला अकादमी व संस्कृत भारती के सौजन्य से किया गया। इस दौरान उच्च शिक्षा निदेशक अमरजीत शर्मा सहित कई लोग उपस्थित थे।

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