विधायक की सिफारिश के कारण तबादला रोकने का हाईकोर्ट का आदेश

हिमाचल उच्च न्यायालय ने स्थानीय विधायक की सिफारिश पर हुए स्थानांतरण पर स्थगन आदेश पारित किया है। मुख्य न्यायाधीश वी रामासुब्रमनियन और न्यायाधीश अनूप चिटकारा की खंडपीठ ने फॉरेस्ट गॉर्ड शामा देवी की ओर से दायर याचिका की पहली सुनवाई के दौरान यह स्थगन आदेश पारित किए गए।

केवल 18 महीनों में कर दिया तबादला, जोकि स्थानांतरण नीति के खिलाफ

प्रार्थी द्वारा याचिका में यह आरोप लगाया था कि उनका डीओ आधार पर केवल डेढ़साल के अंदर ही फॉरेस्ट बीट भरौली रेंज ज्वालामुखी से केरिया रेंज देहरा तबादला कर दिया गया, जबकि स्थानांतरण नीति के मुताबिक किसी भी वन रक्षक कर्मचारी को तीन वर्ष से पहले एक जगह से दूसरी जगह के लिए स्थानांतरित नहीं कर सकते।

आवेदक का आरोप : हस्तांतरण आदेश निजी तौर पर रखे गए वन रक्षक को अनुचित लाभ देने के उद्देश्य से पारित

इसके अतिरिक्त, यह प्रशासनिक रूप से आवश्यक भी नहीं था कि वह अपने तीन साल के कार्यकाल से पहले भैरौली बीट से केरिया बीट में स्थानांतरित हो जाए। आवेदक का आरोप है कि ये हस्तांतरण आदेश निजी तौर पर रखे गए वन रक्षक को अनुचित लाभ देने के उद्देश्य से पारित किए गए थे । हाईकोर्ट ने प्रथम दृष्टि स्थानांतरण आदेश को कानून के विपरीत पाते हुए इस पर स्थगन आदेश पारित कर दिए।

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