सांप के काटने से हर साल हिमाचल में 4000 हज़ार से ज्यादा लोगों की होती है मौत

हिमाचल प्रदेश एक ऐसा राज्य है, जहाँ हर साल सर्पदंश से चार हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो रही है, जो सोचने और चिंता वाली बात है। इस बात की जानकारी वन्य प्राणी विभाग की कार्यशाला में पद्मश्री डॉ उमेश भारती ने दी है। भारती द्वारा दिए गए बयान के अनुसार सर्पदंश के मामलों पर राज्य और केंद्र सरकार गंभीरता से कार्य कर रही है, इसके बाद भी मरने वालों के आंकड़े में कोई बदलाव नहीं हो रहा है।

हर संभव कोशिशों के बाद भी नहीं घट रही मरने वालों की संख्या

डॉ भारती ने कहा कि हिमाचल के लगभग हर स्वास्थ्य संस्थान में सांप के डसने के बाद प्रयोग में लाई जाने वाली दवाइयां पूरी मात्रा में उपलब्ध करवाई गई हैं, फिर भी लोगों की मौत होना चिंता का विषय बना हुआ है। पद्मश्री डॉ भारती वन्य प्राणी विभाग की कार्यशाला में बतौर मुख्यातिथि के रूप में पहुंचे। कार्यशाला में देश के सम्मान प्राप्त स्नेक चैकर विशाल सांत्रा और हिमाचल के सुरेंद्र कुमार भी वहां पर विशेष रूप से मौजूद रहे।

वन्य प्राणी विभाग उत्तर क्षेत्र के अरण्यपाल प्रदीप ठाकुर भी उपस्थित

पश्चिम बंगाल के विशाल सांत्रा द्वारा कार्यशाला में पालमपुर, नूरपुर और धर्मशाला उपमंडल में वन्य प्राणी विभाग के डीएफओ, रेंज ऑफिसर और वनरक्षकों को सांप पकड़ने के गुर सीखे गए हैं। इसके अतिरिक्त इंग्लैंड से पहुंचे चार प्रतिनिधियों ने भी वन्य प्राणी विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को सांपों को पकड़ने के बारे में जानकारी दी, इस कार्यशाला में वनरक्षकों को सांप पकड़ने की किट भी बांटी गई। इस अवसर पर वन्य प्राणी विभाग उत्तर क्षेत्र के अरण्यपाल प्रदीप ठाकुर भी आए हुए थे।

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