मूली और उसके पत्तों का रस के सेवन से पीलिया हो जाता है खत्म, आयुर्वेदिक नुस्खे भी अपनाएं

हेपेटाइटस कई तरह के विषाणुओं के संक्रमण से होता है। यह सब संक्रामक विषाणु ए, बी, सी, डी और जी हैं। देशी भाषा में या लोक भाषा में इसे पीलिया का भी नाम दिया जाता है। वर्षा ऋतु के बाद से ही यह रोग बहुत तेजी के साथ फैलता है।

पीलिया रोग से ग्रसित लोगों को क्या नहीं खाना चाहिए

जिन लोगों की पीलिया की शिकायत हो जाये उन लोगों को इस बीमारी में घी, तेल, हल्दी, लालमिर्च, गरम-मसाले, आचार, राई, हींग, तिल, गुड़, बेसन, कचालू, अरबी, चना, उड़द, चना-उड़द से बने हुए अन्य खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए। ये सब पीलिया नामक बीमारी को और ज्यादा बढ़ाबा देते हैं।

संतरे का करें सेवन, पीलिया रोगियों को ज्यादा आराम करना चाहिए

पीलिया से जकड़े लोगों को सवेरे बिना कुछ खाये ही एक दो संतरे खाने चाहिए, इससे भी रोगी को बीमारी से निजात मिलती है और वो स्वस्थ होने लगता है। अगर संतरा छील के खाने में दिक्कत हो तो इसका जूस की तरह रस भी पीया जा सकता है। इसके साथ ही रोगी को आराम की ज्यादा जरूरत होती है। विविध यकृत रोगों से पीड़ित होने पर रोगी को अनिवार्य रूप से विश्राम करना चाहिए।

कुछ घरेलू नुस्खे उपयोग में लाएं : एमडी आयुर्वेद डॉ. अनुराग विजयवर्गीय

एमडी आयुर्वेद डॉ. अनुराग विजयवर्गीय के ने लोगों को कहा है कि नियमित रूप से एलोवेरा जूस का सेवन करते रहें। उनके अनुसार एलोवेरा यकृत संबंधी विकारों की बहुत ही विशेष औषधि है। इसके साथ ही ये भी निर्देश दिए हैं कि पाचन व्यवस्था को सही करने के लिए महाशंख वटी दो-दो गोलियां भी पानी के साथ लें। भोजन करने के बाद दोनों समय आरोग्यवर्धनी वटी और पुनर्नवा मंडूर की दो गोलियां पानी के साथ सेवन करते रहें। इसके साथ ही मूली के पत्तों का रस पचास मिली की मात्रा में लें इसके बाद इस रस में बराबर मात्रा में मिश्री मिलाकर सवेरे खाली पेट पीयें, इसे पीने से पीलिया रोगी स्वस्थ होने लगता है।

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