हिमाचल के चम्बा जिले में हजारों बच्चे हुए कुपोषण के शिकार, सर्वे में मिली जानकारी

हिमाचल प्रदेश में चम्बा को पिछड़ा जिला (backward district) घोषित किया जा चुका है। इस बार हुए सर्वे की रिपोर्ट में इस जिले में पांच वर्ष से कम उम्र के 3,132 मासूम बच्चे कुपोषण (Malnutrition in children) की चपेट में आ गए हैं। इन बच्चों में ज्यादा कुपोषित 388 बच्चों की जिला बाल विकास विभाग विशेष तरह से निगरानी कर रहा है।

विभाग कुपोषित बच्चों को दोगुना दे रहा है खुराक, हर महीने हो रहा है सर्वे

चम्बा में विभाग कुपोषित बच्चों को दोगुना खुराक दे रहा है। इस खुराक में अंडे (Eggs), दलिया (Bulgur) सहित अन्य कई प्रोटीन युक्त खाद्य (High-protein diet) चीजें शामिल हैं। विभाग के पास 2744 बच्चे ऐसे हैं जो मध्यम कुपोषण के शिकार हैं। इन बच्चों की सूचि की जानकारी मासिक सर्वे से मिली है।

इस जिले में कुपोषण से निपटने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग (Women and Child Development Department) द्वारा हर महीने सर्वे करवाया जा रहा है, जिस से हर माह सूची अपडेट हो सके।

स्वास्थ्य कार्मिकों, आशा सहयोगियों एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को कुपोषित बच्चों की पहचान का जिम्मा सौंपा

हिमाचल प्रदेश के जिला चंबा के दूरदराज के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी स्वास्थ्य कार्मिकों, आशा सहयोगियों एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को कुपोषित बच्चों की पहचान करके उपचार केंद्र (Treatment center) में उनकी जांच और पहचान पूरी तरह से निश्चित करने के निर्देश दिए हैं, जिसके चलते विभाग बच्चों को विशेष सहायता दे सके।

चंबा के जिला कार्यक्रम अधिकारी हुकम शर्मा ने अपने बयान में बताया कि सर्वे में चंबा में लगभग 3,132 बच्चों में कुपोषण का मामला सामने आया है। इस बच्चों को विभाग को दोगुना खुराक दे रहा है।