हिमाचल सरकार का आदेश, चपरासी से लेकर अफसर तक सब को देना होगा संपत्ति का ब्यौरा

everyone from peon to officer will have to give property details

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हिमाचल प्रदेश ने लोकायुक्त कानून संशोधन करते हुए नया अत्यादेश जारी किया है, जिस के अनुसार हिमाचल में अब चपरासी से लेकर अफसर तक को अपनी संपत्ति का ब्यौरा देना होगा । इस अत्यादेश के ऊपर गृह विभाग अपनी मुहर लगा दी है व इस बारे में एक अधिसूचना भी जारी कर दी है।

सरकारी बाबुओं कि अब खैर नहीं

यहां पर हम आप को बता दें कि हिमाचल सरकार ने वर्ष 1983 के बाद पहली बार इस अधिनियम की धारा-54 में संशोधन कर ये फाइल्स लिया है । सोमवार 30 सितम्बर से लोकायुक्त के नए नियम लागू करने के साथ साथ गृह विभाग ने भी सोमवार देर शाम इसकी अधिसूचना जारी कर दी है । सरकार के इस फैसले के बाद ख़ास कर सरकारी बाबुओं में हड़कंप सा मच गया है हालांकि संपत्ति का ब्‍यौरा हर साल 31 जुलाई तक कार्यालय में देना पहले से ही जरूरी किया गया है।

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अवहेलना करने वालों लोकायुक्त करेगा कड़ी कार्रवाई

सरकार के इस नए आदेश के तहत भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ लोकायुक्त कड़ी कार्रवाई करेगा । अगर कोई अफसर अपने कर्मचारियों को प्रताड़ित करता है या आठ घंटे के निर्धारित समय से ज्यादा काम करवाता तो उन अफसरों पर कड़ी कार्रवाई होगी अगर कोई कर्मचारी निर्धारित समय से काम समय लगता है तो वो भी सज़ा का हकदार होगा । अधिकारी व कर्मचारी लोकायुक्त को अपनी शिकायत डाक, स्पीड पोस्ट और ई-मेल से भी कर सकते हैं ।

अब विभागों के मुखिया नए कर्मचारियों की तैनाती से लेकर तबादले की सूचना भी आदेशों की कॉपी द्वारा लोकायुक्त को देनी होगी। अधिसूचना में ये भी बताया गया है कि ऐसा न करने वाले अफसरों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

ज्ञात रहे कि हिमाचल प्रदेश में साल 2014 में लोकायुक्त के गठन से पहले ही कुछ कड़े नियम वर्ष 1983 के ही चलाए जा हैं |