हिमाचल में प्री-प्राइमरी स्कूलों का ढांचा के लिए विदेशी तकनीकों प्रयोग होगा

Foreign technologies used strengthen structure pre-primary schools Himachal

Foreign technologies used strengthen structure pre-primary schools Himachal

हिमाचल प्रदेश में प्री-प्राइमरी स्कूलों का पढ़ाने का ढांचा मजबूत करने के लिए विदेशी तकनीकों (Foreign techniques) का प्रयोग किये जाने की तैयारी हो रही है। पिछले सप्ताह चीन की कार्यशाला में भाग लेकर लौटे प्रधान सचिव शिक्षा केके पंत ने अपने बयान में बताया कि वर्ल्ड बैंक की ओर से करवाई गई कार्यशाला में अनेक देशों ने अपनी योजनाओं को आपसे में साझां किया है। उन सब में कुछ योजनाएं बहुत प्रभावित करने वाली रहीं।

प्री-प्राइमरी स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए चलाए जाएंगे विशेष अभियान : पंत

इन सब का अनुसरण अब हिमाचल में प्री-प्राइमरी स्कूलों को संवारने में किया जाएगा। इस कार्यशाला में हिमाचल के अलावा केरल और मध्य प्रदेश के शिक्षा सचिवों के साथ केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय के अधिकारियों ने भाग लिया था। पंत नेआगे बताया है कि हिमाचल में प्री-प्राइमरी स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए विशेष अभियान शुरू किये जाएंगे। प्री-प्राइमरी स्कूलों में विदेशी तकनीकों (Foreign techniques) प्रयोग से बच्चे प्री-प्राइमरी से ही सरकारी स्कूलों में दाखिला लेंगे जिस से बड़ी कक्षाओं में भी वो बच्चे अपनी पढ़ाई सरकारी स्कूलाें में जारी रखेंगे।

बहुत से देशों को इस शिक्षा प्रणाली को अपनाने से हुआ है लाभ

बहुत से देशों में प्री-प्राइमरी स्कूलों को से ही सफलता मिली है। उन्होंने अपने बयान में बताया कि प्राइमरी कक्षाओं कोऔर भी आधुनिक बनाया जाएगा। सचिव ने बताया कि पिछले दिनों ही केंद्र सरकार ने शिक्षा में और गुणवत्ता लाने के लिए शुरू किए गए स्टार्स प्रोजेक्ट में भी हिमाचल को भी शामिल कर लिया है। हमरे देश की सरकार ने स्टार्स को स्ट्रेथनिंग टीचिंग लर्निंग एंड रिजल्ट फार स्टेट्स के नाम का दर्जा दिया है।

हिमाचल के साथ साथ राजस्थान, मध्य प्रदेश, केरल, उड़ीसा और महाराष्ट्र को प्रोजेक्ट में किया गया शामिल

हिमाचल के साथ साथ राजस्थान, मध्य प्रदेश, केरल, उड़ीसा तथा महाराष्ट्र को भी प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है। मिली जानकारी के अनुसार इन सभी राज्यों को वर्ल्ड बैंक फंडिंग करेगा।साथ ही छह साल तक हर राज्य को 500 करोड़ का बजट दिया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा पर जोर दिया जायेगा जिसके लिए स्कूलों में अधिक से अधिक कंप्यूटर सिस्टम लगाए जाएंगे। शिक्षकों के प्रशिक्षण केंद्रों को भी आधुनिक किया जाएगा। शिक्षक ट्रेनिंग में भी बदलाव किया जाएगा। पंत ने ये भी बताया है कि एमआईएस डाटा इक्क्ठा करनेे के लिए कई तरह के नए तरीके अपनाए जाएंगे।