लापरवाही पर टांडा हॉस्पिटल में एमएस से रिपोर्ट तलाश

हिमाचल प्रदेश धर्मशाला, अमर उजाला की ओर से टांडा हॉस्पिटल के वार्डों में अच्छी व्यवस्था के न होने की पोल खोलने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया है।

कुलवीर राणा ने मामले की जानकारी के संबंध में टांडा अस्पताल के एमएस से की रिपोर्ट तलाश

अमर उजाला के रियलिटी चेक के आधार पर जिला प्रशासन ने टांडा अस्पताल प्रबंधन से जवाब मांगा है। अमर उजाला की खबर पर एडीसी कांगड़ा राघव शर्मा ने कठोर विचाराधिकार लिया है। राघव शर्मा ने टांडा अस्पताल में प्रशासन की तरफ से नियुक्त संयुक्त निदेशक कुलवीर राणा को मामले की जांच की जिम्मेदारी सौंपी है। प्रशासन की तरफ से नियुक्त संयुक्त निदेशक कुलवीर राणा ने मामले की जानकारी के संबंध में टांडा अस्पताल के एमएस से रिपोर्ट तलाश की है।

स्वास्थ्य मंत्री ने भी संचार पत्र में छपी खबर को पढ़ने के बाद अस्पताल प्रशासन से की रिपोर्ट प्राप्त

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एमएस से रिपोर्ट मिलने के बाद जिला प्रशासन द्वारा अपने स्तर पर कार्रवाई की जा सकती है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ने भी संचार पत्र में छपी खबर को पढ़ने के बाद अस्पताल प्रशासन से रिपोर्ट प्राप्त की है। प्रशासन की ओर से कुलवीर राणा ने अपने बयान में बताया कि उन्होंने एमएस टांडा अस्पताल से रिपोर्ट तलब कर ली है। इसके अतिरिक्त अस्पताल में मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए सरकार सुपुर्द है। साथ में ये भी हिदायत दी गई है कि मरीजों के साथ किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। मिली जानकारी के अनुसार रविवार शाम अमर उजाला द्वारा टांडा मेडिकल कॉलेज के सभी वार्डों का रियलिटी चेक किया गया था।

पुरुष आर्थोपैडिक वार्ड में बने महिला शौचालय में हालत खराब

जिसे चेक करने के बाद पुरुष आर्थोपैडिक वार्ड में हालात बहुत ही खराब दिखे थे। हालत इतने खराब थे कि मरीज अपने बिस्तर के आसपास स्वंय झाड़ू लगा रहे थे। शौचालय की छत से भी पानी Leakage हो रहा था। वॉश बेेसिन के नीचे बने नल से भी लगातार पानी Leakage हो रहा था। स्नानाघर से भी लगातार बहुत ज्यादा पानी गिर रहा था। शौचालय के पास दोनों डस्टबिनों से भी कूड़ा बाहर निकला पढ़ा था।अस्पताल की हालत इतनी खराब है कि पुरुष आर्थोपैडिक वार्ड में स्त्रियों के लिए बने शौचालय की फ्लश पूरी तरह से बंद पड़ी थी। पुरुष आर्थोपैडिक वार्ड में बने महिला शौचालय में ऐसी हालत थी कि शौचालय में दरवाजा तक नहीं था। यहां तक की पीने के पानी का भी प्यूरीफायर खराब पड़ा था।

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