देव भूमि कुल्लू में स्थित घूमने और समय व्यतीत करने की सबसे बेहतरीन और रोमांचित स्थानों की जानकारी, Best Attractive and tourist places in कुल्लू

हिमाचल में बसा कुल्लू शहर (Kullu) सबसे मशहूर व रोमांचित स्थानों में से एक है। इसे देव भूमि के नाम से भी जाना जाता है। यह स्थान व्यास नदी (Beas River) के किनारे वसा हुआ है। कुल्लू में बहुत से ऐसे स्थान है, जहाँ tourists का आना जाना लगा रहता है। कुल्लू पूरे देश भर में अपने सौंदर्य और वातावरण के लिए मशहूर है।

कुल्लू जिले की स्थापना के बारे में जानकारी रामायण, महाभारत आदि जैसे कई पौराणिक ग्रंथो से मिलती है। इस स्थान के सस्थांपक विहंगमनी पाल थे। उस के बाद कई राजाओ ने इस स्थान पर राज किया। कुल्लू जिले के साथ मंडी, काँगड़ा, शिमला, किन्नौर की सीमाएं लगती है। इसके दक्षिण में धौलाधार की पहाड़िया स्तिथ है, जो बाहरी हिमालय के सात लगती है। कुल्लू  छुट्टियां बिताने व समय वयतीत करने के लिए एक बहुत ही अच्छी Destination मानी जाती है।

Kullu जिले के सबसे रोमांचित व मनमोहक स्थानों की जानकारी

Manali यह स्थान कुल्लू में स्थित महत्वपूर्ण स्थानों में से एक है। इस स्थान में हर वर्ष देश विदेश से कई पर्यटक आते है। यह सैलानियों का पसंददीदा स्थान है। यह स्थान कुल्लू जिले से ((4217 km) की दुरी में स्थित है। मानली में एक बहुत बड़ा बाजार है। जिसे मॉल रोड (Mall Road Manali) के नाम से जाना जाता है। यहां कई प्रकार के Cafe, Restaurant, Hotel Home Stay, Shops, वह देसी पकवानो की दुकाने स्तिथ है। यंहा तरह तरह की handmade वस्तुए मिलती है। जो पर्यटको को अपनी ओर आकर्षित करती है। यह स्थान पहाड़ो के बिच में बसा एक बहुत ही खूबसूरत स्थान है।

 Hadimba temple का मनमोहक नजारा

वर्फ से ढके पहाड़ यहां की शोभा को और बढ़ा देते है। मनाली से कुछ ही दुरी में Hadimba temple स्थित है। जो पैगोडा शैली से बना हुआ है।  यह ऐतिहासिक मंदिरो में से एक है। मनाली का यह मंदिर बहुत ही धार्मिक व लोकप्रिय है। इस मंदिर के चारो ओर देवदार के ऊँचे- ऊँचे पेड़ है। जो मंदिर की खुबसुरती को और ज्यादा बड़ा देते है। यहां का दृश्य पर्टयकों को अपनी और आकर्षित करता है।

Hidimba Devi Temple

वशिष्ठ मंदिर मनाली ऋषि वशिष्ठ से सम्बंदित हिन्दुओ का धार्मिक स्थान

यह मंदिर हिन्दुओ का एक धार्मिक मंदिर है। इस मंदिर का नाम ऋषि वशिष्ठ के नाम पर रखा गया है। यह मंदिर मानली से केवल 3 किलोमीटर की दुरी में स्तिथ है। मनाली में सबसे प्रसिद्ध स्थानों में से एक है। यह मंदिर ऋषि वशिष्ठ को समर्पित है, जो ब्यास नदी के उस पार गाँव वशिष्ठ में भगवान राम के कुल गुरु हैं। यह मंदिर तक़रीबन 4000 साल पुराना मंदिर माना जाता है।

 ब्यास कुंड गर्म पानी का एक महत्वपूर्ण स्थान

पौराणिक कथाओ के दौरान कहा जाता है। मनाली में ब्यास कुंड शक्तिशाली ब्यास नदी का मूल बिंदु है। यहां के लोग इस स्थान को स्वर्ग का स्थान भी कहते है। इसी कारण यहां के स्थानीय लोग और पर्यटक इस जगह पर आना पसंद करते हैं। जो प्रकृति का एक बेहद खबूसूरत दृश्य प्रदान करता है। यह स्थान आत्मा को आंतरिक संतुष्टि प्रदान करता है। जब भी हिंदू संस्कृति की बात आती है। तो सप्तऋषियों में से एक ऋषि वशिष्ठ यहां कभी रुका करते थे। इस स्थान में एक गर्म पानी का झरना है। जिसे वशिष्ठ कुंड के नाम से भी जाना जाता है।

 ब्यास कुंड की पौराणिक जानकारी

पौराणिक कथाओ के अनुसार कहा जाता है। की किंवदंती के अनुसार दुखी ऋषि वशिष्ठ को इस बात की जानकारी प्राप्त हुई की उन के बच्चो को विश्वामित्र ने मार डाला है, तब उस समय उन्होंने आत्महत्या करने की कोशिश की, परन्तु उन्हें ऐसा करने के लिए नदी ने उन्हें मारने से इनकार कर दिया, इसी कारण की वजह से नदी को विपाशा नाम से पुकारा जाने लगा जिस का मतलब है, बंधन से मुक्ति।

भगवान राम जी से सम्बंदित है एक ऐतिहासिक पत्थर

इस मंदिर में एक पत्थर भी विराजमान है। जो भगवान राम जी से सम्बंदित है। इस स्थान के पास एक गांव में एक गर्म पानी का झरना है। जिस का निर्माण भगवान राम के छोटे भाई लक्ष्मण द्वारा किया गया था। यह स्थान बहुत ही मनमोहक व ऐतिहासिक है। सैलानी यहां आ के फोटोग्राफी का मज़ा व यहां के सौंदर्य का आंनद ले सकते है। यदि अगर आप कुल्लू मानली का गुमने का प्लान बना रहे है। तो इस धार्मिक स्थान में जाना ना भूले यहां आ कर आप अपनी सभी प्रकार की मुसीबतो से दूर हो जायेगे।

Solang Valley पैराग्लाइडिंग और Ice Skating के लिए एक BEST स्थान

सोलंग वैली इस स्थान का नाम सोलंग गांव से लिया गया है। जो पास में पहाड़ो की तलहटियो में बसा एक बहुत ही खूबसूरत स्थान है। जो  हिमाचल प्रदेश के कुल्लू घाटी के अंतिम स्थान में स्थित है। यह वैली रोहतांग दर्रे के रास्ते में मनाली से केवल 25 किमी उत्तर पश्चिम भारत में स्थित है। यह स्थान गर्मियों और सर्दियों में खेल प्रतियोगिताओ के लिए जाना जाता है। इस स्थान में पैराशूटिंग, पैराग्लाइडिंग, स्केटिंग के लिए देश विदेश से प्रतिभागी आते आते है। यह वैली लॉन के एक विशाल ढलान में स्थित है।

लोकप्रिय व पसंदीदा स्थान

यह स्थान मनाली के टॉप पर्यटन स्थानों में से एक है। यह बहुत ही लोकप्रिय व पसंदीदा स्थानों में से एक है। यहां बहुत सी  Tour and Travels एजेंसीया अलग-अलग प्रकार के उपकरण उपलब्ध करवाती है। जो पैराग्लाइडिंग और Ice Skating जैसे अन्य रोमांचित कार्यो के लिए सुविधाजनक होते है। मई में शुरू होने वाली गर्मियों के महीनों में बर्फ पिघल जाती है। यहां हाल ही में एक स्की हिमालय रोपवे को खोला गया है। जिस का टूरिस्ट बहुत आंनद लेते है।

Solang Valley में उपलब्द Ropeway  सेवा

इस वैली के टॉप पर जाने के लिए रोपवे सेवा भी शुरू की गई है। जिस के जरिये पर्टयको को टॉप तक पहुंचने में आसानी होती है। यह स्थान मनाली का सबसे ज्यादा पसंद करने वाला स्थान है। यहां का मौसम और प्रकर्ति का खबूसूरत नजारा पर्टयकों को अपने और आकर्षित करता है। इस स्थान में आ के पर्टयकों को बेहद शांति और सुकन महसूस होता है। हिमचाल प्रदेश के कुल्लू जिले में बसा यह स्थान बहुत ही रोमांचित वह शांति से भरा स्थान है।

Kasol वैली शांत व पारवती नदी के किनारे बसा एक गांव

कसोल यह एक शांत व पारवती नदी के किनारे बसा एक छोटा सा गांव है। जो पूरी तरह से प्रकर्ति की खूबसूरती से भरा हुआ है। यह स्थान की (39।0 km)  दूर पर स्तिथ है। यहां गर्म पानी के स्त्रोत है। जो पर्टयकों को अपनी और आकर्षित करता है। कसोल अपने वास्तुकला के लिए बहुत लोकप्रीय है। यहां एक छोटा सा बाजार है। जहाँ हर प्रकार की महत्वपूर्ण वस्तुए मिलती है। यह स्थान कैंपिंग के लिए बहुत ही लोकप्रीय है यहां देश विदेश से पर्टयक कैंपिंग के लिए आते है। कसोल वैली ट्रैकिंग के लिए भी बहुत लोकप्रिय है। यहां का Chalal Trek Trail पर्टयकों का पसंदीदा स्थान है।

Gurudwara Shri Manikaran साहिब

हिंदु धर्म के अनुसार

यहां एक गर्म पानी का स्त्रोत है जहाँ एक बहुत बड़ा गुरुद्वारा भी स्थित है। यह स्थान हिंदुओं और सिखों दोनों का तीर्थस्थल है। हिंदुओं का कहना ​​है कि मनु ने बाढ़ के बाद मणिकरण को रहने के लिए फिर से बनाया। जिस कारण यह एक पवित्र स्थान बन गया। इस स्थान में बहुत से  मंदिर और एक गुरुद्वारा है। पौराणिक कथाओ के अनुसार भगवान शिव और पार्वती यहां से गुजर रहे थे। तब अचानक माँ पार्वती जी जा झुमका नदी में गिर गया। इस दौरान पार्वती के कहने पर जब शिव ने तांडव किया तब, शेश नाग पानी के जरिये प्रकट हुए और झुमका बापिस कर दिया, तभी यह कहा जाता है की यहां गहने पानी में फेंक दिए जाते है, ऐसा करना हिन्दु धार्मिक मानते है। यहां शिव जी का मंदिर भी विराजमान है। जो पर्टयक सच्चे मन से यहां दर्शन के लिए आते है, भगवान उन की सभी मुराद्ये पूरी करते है।

सिख धर्म के अनुसार

सिखों के अनुसार कहा जाता है। की यहां सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक जी अपने अपने भाई व शिष्य मर्दाना के साथ यहां आये थे, जब मर्दाना को भूख लगी तो उन के पास खाने को कुछ भी नहीं था, इस स्थिति में गरु नानक जी ने मर्दाना को रोटी  बनाने के लिए अटा (आटा) व चावल एकत्रित करने बेजा कई लोगो ने उन्हें (आटा) और चावल दान किया, परन्तु समस्या एक और थी भोजन बनाने के लिए आग नहीं थी। गुरु नानक जी को एक गर्म पानी का झरना दिखाई दिया, और मर्दाना को रोटियां पानी में डालने को कहा,देकते ही देकते रोटियां पानी में डूब गयी और मरदाना निराश हो गया।

आस्था का प्रतीक

गुरु नानक जी ने मर्दाना को भगवान से  प्राथना करने के लिए करने के लिए कहा,अगर उनकी चपातियाँ वापस पानी में तैरती हैं, तो वह उनके नाम पर एक चपाती को दान करेंगे। और कुछ समय में ही रोटियां पानी के ऊपर तैरने लग पड़ी, इस पर गुरु नानक जी ने अपने शिष्य को यह कहा की अगर कोई सच्चे मन से भगवान के नाम पर दान करता है, उस की दान की हुई चीच उसे किसी न किसी तरीके से बापिस मिल जाती है। हर वर्ष बहुत से सैलानी इस धार्मिक स्थान में आते है। कुल्लू में स्तिथ यह मत्वपूर्ण स्थानों में से एक है।

Kheerganga Trek एक रोमांचित व पहाड़ो के बिच से गुजरता हुआ पैदल मार्ग

यह स्थान हिमाचल में विभिन लोकप्रिय ट्रेक में से एक हैं। खीरगंगा मणिकरण से 20 किलोमीटर की दुरी में स्तिथ है। यंहा से खीरगंगा तक पैदल या घोड़ो पर जाना पड़ता है, यहां पानी का स्त्रोत काफी बड़ा है, पौराणिक कथाओ के अनुसार भगवान शिव के पुत्र कार्तिकेय ने यहां तपस्या की थी, भूख और प्यास से अपने पुत्र को बचाने के लिए माँ पार्वती ने यहां पानी निकला, जिस से कार्तिक्य की प्यास मिट सके, अब यह स्थान पर्टयकों का पसंदीदा स्थान बन चूका है, हर साल काफी मात्रा में लोग इस स्थान के लिए आते है,यहां लंगर की सुभिधा भी उपलब्ध है।

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