Dharamshala के सबसे Best पर्यटक स्थल और रोमांचित स्थान

Places in Dharamshala

धर्मशाला हिमाचल प्रदेश के काँगड़ा जिले में वसा एक शहर है,यह स्थान हिमाचल के सबसे ज्यादा देखा जाने वाला और सैलानियों का पसंदीदा स्थानो में से एक है,यह स्थान काँगड़ा बस स्टैंड से केवल 20 km की दुरी में स्थित है,यंहा बहुत से धार्मिक व रोमांचित स्थान है। Himachal Pradesh Cricket Association Stadium,< HPCA धौलाधार की पहाड़ियाो के विच में बना international खेल का मैदान है। धर्मशाला से कुछ ही दुरी में कुणाल पथरी जी मंदिर है,यह एक धार्मिक स्थान है, इस मंदिर की खास बात यह है की इस मंदिर के चारो और चाय के बगीचे है, जो इस मंदिर में आये भगतो को एक सुन्दर नजारा प्रदान करते है, यहां का दृश्य बहुत ही मनोभाबुक है।

War memorial Dharamshala

यह एक शहीदो को समर्पित एक स्थान है, जंहा जंग में सहीद हुए सैनिको के नाम एक बहुत बड़ी कलाकृति के ऊपर लिखित है, यहां एक बहुत पड़ा पार्क है, जिस में बच्चो के खेलने के लिए बहुत से प्रकार के झूले है, यह स्थान चारो तरफ से ऊँचे- ऊँचे पेड़ो से घिरा हुआ है, यहां एक छोटा सा पानी का तालाब है, जिस में रंग विरंगी मछलिया है, हर साल शहीद दिवस में यहां शहीदो को अदम्य साहस और बहादुरी के लिए सलामी दी जाती है।

मैक्लोडगंज Little ल्हासा

इस स्थान का नाम Lord Macleod के नाम पर रखा गया था, धौलाधार की पहाड़ियों के विच में वसा यह स्थान पर्टयकों का लोकप्रीय स्थान है, मैक्लोडगंज के चौक में एक बहुत बड़ा बाजार है, जंहा बहुत से कैफ़े, होटल्स, पब्स वह बहुत से प्रकार की वस्तुओ की दुकाने है, इस स्थान की खास बात यह है, की यहां बौद्ध धर्म तिब्बती लोगों के धर्म गुरु दलाई लामा जी का निवास स्थान है। इस मंदिर के अंदर किसे भी प्रकार के डिवाइस ले जाने की मनाही है, यहां से ऊँचे ऊँचे धौलाधार के पहड़ो का नजारा पर्यटकों को भाव जाता है। इस मंदिर के अंदर शाक्य मुनि, अवलोकितेश्वर एवं पद्मसंभव की मूर्तियां स्तिथ है, जो काफी विशाल है। यह एक धार्मिक स्थान है, इस लिए यह हमेशा सैलानियों से भरा रहता है। मंदिर के साथ में ही काफी मात्रा में देवदार के पेड है, जो मंदिर की शोभा को बढ़ाते है, गर्मियों के मौसम में यहां पर्टयकों की मात्रा अधिक होती है |

 

मैक्लोडगंज में  देश विदेश से आये व्यवसायी व्यापार करते है, यंहा के बाजार में ज्यादा तर तिब्बती  वस्तुए मिलती है, यह वस्तुए बहुत आकर्षित होती है, जिस से सैलानी इन की और खींचे चले आते है। यंहा पर विभिन्न  प्रकार के Meditation और योगा के center है। विदेश से भी बहुत से पर्टयक यंहा आते है। यह स्थान बहुत ही शांति और सकूंन भरा है, यहां के निवासी भी बहुत ही शांत माहौल के होते है।

Bhagsu Nag Temple

यह मंदिर मैक्लोडगंज से केवल 2 किलोमीटर की दुरी में स्तिथ है। यह एक हिन्दुओ का धार्मिक स्थान है,यह स्थान वाटर फॉल और ऐतिहासिक मंदिर के लिए प्रशिद्ध है। पौराणिक कथा के अनुसार कहा जाता है। की इस स्थान में नाग देवता और भागसू के राजा के युद्ध का कारण था। कहा जाता है। की भागसू के राजा ने धार्मिक नदी नागडल से पानी चुराया था। युद्ध में नाग देवता ने राजा भागसू को हरा दिया, और राजा के माफी मागंने पर नाग देवता ने उसे माफ़ कर दिया और यह वचन दिया की व यहां एक मंदिर का निर्माण करेगा, जिस मंदिर का नाम आज भागसू नाथ मंदिर है।

Bhagsu Waterfall

पौराणिक कथा के अनुसार इस झरने का नाम वानप्रस्थ के राजा भागसू से लिया गया है। यह झरना मंदिर से पैदल 2किलोमीटर की दुरी पर स्थित है, यह गर्मियों के समय यहां पर्टयकों की बहुत भीड़ होती है। जिसका कारण यहां का मौसम है, यहां का मौसम गर्मियों में भी बेहद ठण्डा रहता है। इस झरने के सात ही में कई छोटे- छोटे कैफ़े और दुकाने है, जहा पर्टयक जरूरी वस्तएं ले सकते है। झरने के सात ही में कुछ दुरी में शिवा कैफ़े एक बहुत ही लोकप्रिय कैफ़े है। जहा पर पर्टयकों की चहल पहल लगी रहती है। इस झरने की ऊंचाई 7112 फ़ीट है।

Dal Lake Himachal Pradesh

इस झिल का नाम कश्मीर में स्तिथ झील से लिया गया है। यह झील नड्डी नाम गांव के पास स्तिथ है, इसकी ऊंचाई समुद्र तल से 1,775 मीटर) है। यह स्थान बहुत धार्मिक माना जाता है। इस मंदिर के सात में ही एक शिव भगवान जी का मंदिर है। जो आस्था का प्रतीक है, यहां आये पर्टयको का यह आकर्षण एक अच्छा केंद्र है। इसके चारो ओर देवदार के पेड़ स्थित है। पेड़ों के बिच में स्थित यह झील बहुत ही खबूसूरत व और सुंदरता से भरपूर है। इस झील में बहुत सी मछलीया पाई जाती है। कहा जाता है, की यहा का पानी पुरे साल में कभी नई सुखता है, यह झील नाग देवता की झील मानी जाती है। यहां साक्षात नाग देवता का वास माना जाता है।

धौलाधार की पहाड़ियों के बिच में माँ गुना देवी के मंदिर का रोमांचित पैदल ट्रेक

यह मंदिर नड्डी गांव से 4 किलोमीटर की दुरी में स्थित एक पैदल सर्करा रास्ता है। यह एक धार्मिक मंदिर है, यह मंदिर गद्दी जनजाति का एक तीर्थस्थल है, जो हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले की एक अर्ध-घुमंतू जनजाति है। यह मंदिर धौलाधार की पहाड़ियों में स्तिथ एक बहुत ही लोकप्रिय मंदिर है, यहां श्रद्धालुओं के लिए रात्रि निवास की व्यवस्था भी है, जिस का किसी भी प्रकार का कोई शुल्क नहीं लिया जाता है। यह एक मंदिर कमेटी की तरफ से निशुल्क सेवा है।

पिछले कुछ वर्षो से यहां काफी मात्रा में पर्टयकों की चहल पहल लगी रहती है, यह पर्टयकों की favorite summer holiday destination बन चुकी है, इस मंदिर के रास्ते में एक गांव वसा हुआ है, जो बल्ह वैली के नाम से जाना जाता है। यहां पर एक प्राकर्तिक व्यास की एक छोटी सहायक नदी बहती है। इस स्थान पर सैलानियों की भीड़ लगी रहती है, जिस की बजह यहां का शांत वातावरण वह यहां की प्रकर्ति है। इस स्थान पर Night camping और tent की सुभीधा भी उपलब्ध है। जहा आप रुक कर कैंपिंग और Bonefire का मज़ा ले सकते है।

Dharamkot Himachal Pradesh

यह स्थान हिमाचल प्रदेश राज्य के कांगड़ा जिले में वसा एक छोटा हिल स्टेशन है। यह स्थान मैक्लोडगंज से केवल 2 किलोमीटर की दुरी में स्थित है। धौलाधार और काँगड़ा घाटी में वसा यह स्थान बहुत ही खूबसूरत Hill Station है, इस स्थान से पर्टयक धौलाधार की पहाड़ियों को निहार सकते है। वर्फ से लतपत ऊँचे पहाड़ो का दृश्य पर्टयको के मन को भा जाता है, इस स्थान गर्मियों के मौसम में सैलानियों से भरा रहता है।
देश विदेश से आये सैलानियों का यह लोकप्रीय स्थान है। यहा रुकने के लिए काफी मात्रा में Hotels, Homestay, Camp, Hostels स्थित है। यहां काफी सारे Cafe, Tea shope, restrorent, और अन्य कई प्रकार की दुकाने है, जहा पर्टयक अपनी जरूरत की हर एक वस्तु ले सकते है। यह स्थान Tibetan Cafe, Tibetan वस्तुओ के लिए काफी लोकप्रिय है। सर्दियों के मौसम में इस स्थान में वर्फ की गोलाबारी होती है। और यह Hill station और भी ज्यादा सौंदर्य से भर जाता है।

अगर आप धर्मशाला आने का प्लान बना रहे है, तो इस स्थान में जाना ना भूले यह स्थान आप को बेहद सुकन और शांति प्रदान करेगा। धर्मकोट में स्थित बहुत से ध्यान केंद्र है, जिन में से विपश्यना ध्यान केंद्र, धम्म शिकारा, तुशिता ध्यान केंद्र लोकप्रीय है। यहा पर तिब्बती महायान परंपरा के बौद्ध धर्म के अध्ययन और अभ्यास करने का केंद्र भी स्थित केंद्र है।

Triund Trek धौलाधार की पहाड़ी में स्थित एक रोमांचित Hill station की जानकारी

हिमाचल प्रदेश के काँगड़ा जिले में स्थित यह स्थान एक छोटा सा हिल स्टेशन है, जो देश विदेश में अपने सौंदर्य के लिए जाना जाता है, हिमाचल में सबसे मेहत्वपूर्ण पर्टयक स्थानों में से यह एक स्थान है। हिमाचल की बात हो रही हो और त्रिउंड का नाम ना आये ऐसा हो ही नई सकता, यंहा से धौलाधार की पहाड़िया इतनी पास नजर आती जैसे मानो आप स्वय इन्हे छू सकते हो, बादल नीचे और आप बादलो के ऊपर हो कुछ इस प्रकार का ऐहसास होता है।

कहा जाता है की त्रिउंड में भगवान शिव जी का वास है, यहां शिव भगवान जी का मंदिर भी स्थित है। चाहे कितनी भी वर्फबारी हो यह मंदिर कभी नहीं डूबता Triund में बहुत से Tea Shope है, जहा आप खाने पीने का सामान ले सकते है। Triund के ऊपर कुछ दुरी में एक पौराणिक कुणाल पथरी जी का एक मंदिर है, जो हिन्दुओ का धार्मिक स्थान है। जहा से सामने की ओर धौलाधार और पीछे से धर्मशाला सिटी का पूरा नजारा दिखाई देता है। यह स्थान बहुत ही खूबसूरत है।

कैसे पहुंचा जाए दिल्ली से त्रिउंड, How to reach from Delhi to Triund

Triund हिमाचल प्रदेश में काँगड़ा जिले में धर्मकोट के निकट एक पैदल रोमांचित Trek है, जो घने जंगलो से होकर गुजरता है। यंहा पहुंचने के लिए अगर आप दिल्ली से Bay बस आते हो तो यह (498.5 km) km) की दुरी पर स्थित है। और अगर आप By फ्लाइट आते हो तो Delhi से काँगड़ा का distance 1 hour and 20 मिनट के तकरीबन है। और उस के बाद आप गगल airport से Taxi या Bus ले सकते है। यहां से आप का distance धर्मकोट तक 20  किलोमीटर है। उस के बाद धर्मकोट से आप टैक्सी या पैदल अपना Trek शुरू क्र सकते है। Taxi आप को केवल गालु मंदिर तक ही ले जा सकती है। जो Triund के चेक Point के साथ में ही एक हिन्दुओ का धर्मिक मंदिर है। गालु मंदिर से आप का Trek शुरू होता है। जो यहां से 7 km की दुरी में स्तिथ है।

त्रिकंड ट्रेक पर जाने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश,Important instructions for going to Triund Trek

इस Trek पर जाने के लिए बहुत सी बातो को ध्यान में रखना चाहिए, अगर आप Triund के लिए प्लान कर रहे है, तो आप अपने सात एक अपना पहचान पत्र लेकर जरूर आये। सबसे पहले चेक पॉइंट पे आप की ID proof की आवश्यकता होंगी, बिना इस के आप को Trek शुरू करने की अनुमति नहीं होंगी। Triund ट्रेक जाते समय अगर आप के पास शराब या कोई और नशीली वस्तुए है। तो आप को ट्रेक के लिए नहीं जाने दिया जाएगा। चेक पॉइंट पर आप के बैग्स की तलाशी ली जायगी, उस के बाद इन सभी औपचारिकताओ को पूरा करने क बाद आप धौलाधार की इन हसी वादियों का आनंद ले सकते है।

त्रिउंड ट्रेक पर जाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण वस्तएं,Some important things to go on the Triund Trek

Trek पर जाने से पहले आप को वहा के वातावरण के लिए त्यार होना पड़ेगा, त्रिउंड 2900 metar की ऊंचाई पर स्थित एक Hill point है। यहां सूरज डलते ही कड़ाके दार ठंडी हो जाती है। इस लिए आप को गर्म कपडे और Extra Socks ले जानी पड़ेगी, क्युकी आप पहाड़ो की सैर में जा रहे हो, इस लिए आप को एक Rain cort ले जाना बहुत जरूरी है,

पहाड़ो में कभी भी मौसम करवट ले सकता है। Triund हिल में लाइट की सुविधा नहीं है। इस लिए आप को रात के लिए एक Torch भी जरूरी है, और अगर आप बिना कैसी बुकिंग के Trek पर जा रहे हो तो आप को बहुत सी बातो को ध्यान में रखना होगा, आप के पास tent food और बहुत सी वस्तुओ का होना जरूरी है। Triund एक प्रकार के रिज़ पहाड़ी है। जहा पानी की थोड़ी बहुत मुशिकिले है, इस लिए आप अपने सात पानी की बड़ी बोतल ले जाना ना भूले|

सबसे महत्वपूर्ण बात Trek में कभी भी कोई हादसा हो सकता है, या किसी की भी तबियत खराब हो सकती है। इस लिए आप के पास Medical Kit या फिर First Aid Kit का होना जरूरी है। Trek में जाते टाइम आप के पास खाने का कुछ जरूरी सामान होना चाहिए जैसे Dry Fruits, Chocolates or Energy drinks। ट्रेकिंग पर जाने के लिए आप के पास Trekking Shoes or Hiking Boots होने चाहिए, जिस से आप को चलने में आसानी होंगी, आप के पास एक Swiss Knife A multi-purpose toolset भी होना चाहिए। जो आप के बहुत प्रकार से काम आएगा, Triund में पीने के पानी की कमी की बजह से आप को एक Hand Sanitizer लेना जरूरी है जो आप को बहुत सी बीमारियो से बचाएगा। इन सभी महत्वपूर्ण वस्तुओ के बाद आप अब त्रिउंड Trek के लिए त्यार है।

अन्य महत्पूर्ण बाते,Other important thing

अगर आप इस Trek पर जाना चाहते हो, और यदि आप ने Night Stay करनी है। तो आप हिमाचल की govt side से भी त्रिउंड में room बुक करवा सकते है या किसी भी Travel Agencies से जो की हिमाचल टूरिज्म के साथ Register हो, उन से बुकिंग करवानी होगी, बिना किसी बुकिंग के आप को रुकने नहीं दिया जाता, Trek पर जाते समय आप को ध्यानपूर्वक चलना होगा, क्युकी यह सर्करा रास्ता है और यह पूरी तरह से पहाड़ो के बिच से हो के गुजरता है, इस लिए आप को ध्यान से चलना होगा।

यहा बहुत से चरवाहे अपने भेड बकरियों को जंगलो में घुमाते है। जिस से पहाड़ी की ऊपर से कभी भी कोई भी पत्थर गिर सकता है, इस लिए आप को सावधानी पूर्वक चलना होगा। और अगर आप पहली बार त्रिउंड आ रहे है। तो आप को एक गाइड भी बुक करवाना चाहिए, जो आप को सावधानी और रोमांचित करते हुए। hill पर पहुंचाएगा। रात के समय आप को ज्यादा दूर तक नहीं जाना चाहिए, क्युकी बहुत से जंगली जानवर रात के समय खाने की तलाश में आप की Camping के पास पहुंच जाते है।

कई लोग फोटो लेने के लिए पथरो में चढ़ जाते है, और हादसे का शिकार होते है। आप को इन सभी चीज़ो का ध्यान रहना होगा। तभी आपका यह त्रिउंड का प्लान एक यादगार पलो में बन कर हमेशा रहेगा। और आप त्रिउंड जैसे और भी कई सारे Trek कर पाओगे।