जगत्सुख ब्यास नदी के बाएं किनारे पर स्थित एक पर्टयक स्थल, Jagartsukh Beart, a landmark on the left bank of the river

Jagatsukh_870

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में स्तिथ यह एक बहुत ही लोकप्रय प्रत्येक स्थान है। जहा हर साल बहुत से सैलानी गुमने के लिए आते आते है। जगतसुख गांव पहुंचने के लिए आप की दुरी मनाली से से 6।5 किमी होंगी। और नग्गर बस स्टैंड से यह स्थान 14 किमी की दूरी पर स्तिथ है। नग्गर भी एक लोकप्रिय पर्टयक स्थान है। जगतसुख गांव का नजारा यहां आये सैलानियों को बहुत भाता है। यहां का वातावरण और यहां की सांस्कृति यहां पर्टयकों को अपने और आकर्षित करते है।

Jagatsukh_976

इस गांव में बहुत से छोटे छोटे मंदिर स्तिथ है। जिन की पूजा अर्चना यहां जे निवासी पूरी श्रद्धा के साथ करते है। जगतसुख कुल्लू घाटी में स्तिथ सबसे बड़े गांवो में से एक है। जगतसुख गांव कुल्लू की पूर्ववर्ती राज्य की पहली राजधानी थी। यहां बहुत से कुल्लू के राजाओ में राज किया और अपना शासन चलाया था। कहा जाता है की यह स्थान 10 से 11 पीढ़ियों की राजधानी रहा था।

जगत्सुख में स्तिथ प्रशिद्ध धार्मिक स्थान, The best religious place in Jagatsukh

जगत्सुख गांव भी मनाली की तरह एक आदर्श हनीमून स्थान है। यहां बहुत से प्रसिद्ध हिंदू तीर्थ स्थल भी है। जगत्सुख स्थान को दो प्राचीन मंदिरों के लिए जाना जाता है। जो बहुत धार्मिक और पूजनीय है। और यहां की निवासियों का आस्था का केंद्र है। इस मंदिरो का नाम गौरीशंकर मंदिर और देवी संध्या देवी का मंदिर है।

Jagatsukh_90

इन पवित्र मंदिरो को 8 वीं शताब्दी की शुरुआत में निर्मित किया गया था।, इस मंदिर मे में एक त्रि-रथ गर्भगृह भी बिराजमान है। जिसे एक शिखर द्वारा बनाया गया है। इस मंदिर की वास्तुकला मंदिरों के नरसर समूह के समान है।

इस गांव में बहुत से लोकप्रिय उत्सव मनाये जाते है। जिनमे से चाचोली जात्रा उत्सव अधिक प्रसिद्ध है। यह उत्स्व आज भी धान की खेती के विभिन्न कार्यों के रूप में यहाँ से मनाया जाता है। यहां आने जा सबसे सही समय मई से अक्टूबर के दौरान का है। इस समय यहां का मौसम बहुत ही अच्छा और बेहतर माना जाता है।