पौंग विस्थापित ने हक न मिलने पर किया धरना प्रदर्शन, Pong displaced protest

एक जनसंपर्क अभियान के अंतर्गत फतेहपुर में पौंग बांध किनारे स्थित कस्बा जखाडा में पौंग विस्थापितों की मांगों को पूरा करवाने के लिए पूर्व सांसद डॉ. राजन सुशांत रविवार को बैठक की | पौंग विस्थापित का कहना है की यदि उन को उन का हक़ नहीं मिला तो व खेतीबाड़ी को शुरू ही रखेंगे उसे बंद नहीं करेंगे। इन किसानों की मांग को पूरा करने के लिए पूर्व सांसद डॉक्टर राजन सुशांत ने अपने जनसंपर्क अभियान के अंतिम चरण में रविवार को पौंग जलाशय के किनारे स्थित गांव में जखाडा में बैठक की और किसानो को यह आश्वासन दिलाया की उन की इस समस्या का कोई न कोई समाधान निकाला जाएगा।

उन्होंने कहा की वो सरकार से बात करेंगे और उन्होंने बताया कि 25 नवंबर को एसडीएम फतेहपुर के माध्यम से वन्य प्राणी विभाग बीबीएमबी व मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपेंगे। सोमवार को सभी विस्थापित हाड़ा चौक पर एकत्रित होंगे, व इसके बाद एसडीएम को ज्ञापन सौंपा जाएगा।

सरकार को दिया ज्ञापन नहीं मिल पा रा हक़ दर-दर की ठोकरें खा रहे किसान

उन्होंने कहा अगर सरकार ने यदि किसानो की समस्या को नहीं सुलझाया। और संबंधित विभाग व राजस्थान सरकार समझौते के तहत लोगों को उनका हक नहीं देगा तब तक पौंग बांध की जमींन पर खेती करते रहेंगे। और इस दौरान अगर कोई हादसा होता है तो उस का जिमेदार सरकार होंगी।

किसानों ने आरोप लगाया है, की कि पौंग विस्थापितों का काफी शोषण हो चुका है जिन लोगो की जमींन गई है। ना तो उन के पास कोई रोजगार है, ना ही कोई साधन आज वो दर बदर की ठोकरें खा रहे हैं। अब वो चुप नहीं बैठने वाले वो सरकार से अपना हक़ ले ही रहेंगे। जब कि बीबीएमबी के साथ राजस्थान पंजाब व हरियाणा सरकारें कोई कार्रवाई नहीं कर रही हैं। किसानो को कहना है की यदि ज्ञापन के बाद भी उन्हें खेती करने से रोका गया तो वो सरकार से अपने हित के लिए आमने सामने की लड़ाई लड़ेंगे।