जाखू मंदिर शिमला में स्थित Ropeway

Jahkhoo Ropeway

हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से गठित expert कमेटी जाखू Ropeway को हरी झंडी दे चुकी है। सभी  औपचारिकताएं पूरी होने के बाद सरकार ने भी Ropeway के संचालन की अधिसूचना जारी कर दी है। यह राजधानी शिमला का पहला Ropeway है। 2007 में इसका शिलान्यास किया गया था।दस साल के लंबे अंतराल के बाद Ropeway बनकर तैयार हुआ है। Switzerland की तकनीक पर बनाए गए इस Ropeway के निर्माण पर Jackson Company ने करीब 30 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। Ropeway के अपर और लोअर स्टेशन के बीच दो-दो के बिन चलाए जाएंगे

Ropeway के ज़रिये जाखू पहुंचने का समय

इस Ropway  के ज़रिये शानदार गोंडोला की सवारी समुद्र तल से 8,054 फीट की उंचाई पर ले जाती है, जिसमें केवल  सिर्फ 5 से 6 मिनट लगते हैं। जाखू रोपवे राज्य के चार प्रमुख Ropway आकर्षणों में से एक है, यह पूरे भारत में सबसे सुरक्षित Ropway में से एक है। रोपवे यात्रा के दौरान आस-पास के दृश्य अपनी सुंदरता से  आपको हैरान कर देते हैं। बह यहा का नजारा सच मे मनमोहक है जो देश विदेश से आये सेलानियो का रोमांच का एक बहुत ही अच्छा साधन है|

शिमला में स्थित जाखू मंदिर के लिए जाने के लिए Ropeway ki fees

सका शुल्क उम्र के हिसाब से अलग अलग रखा गया है। यह 3 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए निःशुल्क है और 3-12 साल के बच्चों के लिए इसका शुक्ल केवल 200 रूपये है। वयस्कों के लिए टिकट की लागत 250 रूपये है। यह शुल्क केवल एक साइड का ही है। पर्यटक वापिस में गाड़ी में या फिर पैदल चल के भी आ सकते है। रस्ते में प्राकर्तिक सोंदर्य को देकते हुए आ सकते है।

शिमला में स्तिथ जाखू मंदिर के Ropeway का खुलने का समय

यहा  प्रतिदिन जाखू मंदिर के लिए Ropeway की सवारी सुबह सुबह 9:30 बजे से शाम 6:00 बजे तक (यानी सूर्यास्त तक) है। इस बीच आप कभी भी यह की सवारी ले सकते है। व सवारी के दौरान आप प्रकृति को निहारते हुए कब आप मंदिर पहुंचते समय का पता ही नहीं चलता।