Shimla प्रसिद्ध संकट मोचन हनुमान जी का मंदिर

शिमला में स्तिथ राम भगत हनुमान जी का यह पौराणिक मंदिर कालका शिमला राजमार्ग पर समुद्र तल से ऊपर 1975 मीटर की ऊंचाई पर है। यह शिमला टाउन और शक्तिशाली हिमालय पर्वतमाला के सम्मोहित कर देने वाले मनोरम दृश्यों को प्रदर्शित करता । यह मंदिर शिमला में स्तिथ राम भगत श्री हनुमान जी का मंदिर है तथा यह मंदिर जाखू मंदिर से 13 किलोमीटर दूरी कालका-शिमला राजमार्ग पर स्तिथ है यह मंदिर बहुत धार्मिक वह प्रिसद्ध मंदिर है इस मंदिर में जगह इतनी शांत और सुंदर है कि यहां पहुंच कर आपके कष्ट और संकट अपने-आप ही दूर होते महसूस होने लगते हैं।

शिमला के वातावरण वह यहां की सुंदरता का प्रतीक

यह हनुमान जी का मंदिर जाखू मंदिर के बाद शिमला का सबसे अधिक देखे जाने वाला वह पर्टयकों का पसंदीदा व आध्यात्मिक स्थल है, जो अपने शांत वातावरण और अद्भुत सौंदर्य के कारण भक्तों को अपने और आकर्षित करता है। भगवान हनुमान को समर्पित इस मंदिर की स्थापना वर्ष 1950 में प्रख्यात धार्मिक शख्सियत ‘बाबा नीब करोरी महाराज’ ने की थी, जो शिमला की सुंदरता और यहां के वातावरण को देक कर इस से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने दस दिन इन जंगलों में बिताए और एक मंदिर का निर्माण करवाया।

पर्टयकों का पसंदीदा धार्मिक स्थान

अपनी शानदार वास्तुकला के लिए जाना जाने वाला संकट मोचन मंदिर में भगवान राम और भगवान शिव की भी मूर्तियां हैं। मंदिर न केवल अपनी दिव्यता से भक्तों को आकर्षित करता है, बल्कि अपने मनोरम दृश्याें से पर्यटकों का मन मोह लेता है। देश विदेश से यहां पर्यटक गुमने व दर्शन के लिए आते है। मंदिर परिसर के बाहर एक लोहे की बेंच है, पर्यटक जिस पर बैठकर शिमला के अद्भुत दृश्यों का आनंद ले सकते हैं। यंहा हर साल भारी मात्रा में श्रद्धालु आते है। शिमला का यह धार्मिक मंदिर अपने आप में इतिहास को समेटे हुए है। यह मंदिर हनुमान जी के विशाल मंदिरो में से एक है।

शांति वह सुंदरता से भरपूर

इस मंदिर की ख़ास बात यह है कि यहां का वातावरण बहुत ही शांत वह सुंदरता से भरपूर है। यहां आ कर श्रदालुओ के सभी दुख दूर हो जाते हैं यह मंदिर आस्था का एक बहुत ही बड़ा उद्धाहरण है। अगर आप का कभी शिमला का घूमने का प्लान बनता है तो इस मंदिर के दर्शन जरूर करे।

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