शिमला का प्रसिद्ध बाबा भलकू रेल संग्रहालय, Famous Baba Bhalku Rail Museum of Shimla in Hindi

हिमाचल प्रदेश के शिमला में स्तिथ यह लोकप्रिय म्यूजियम बाबा भलकू से सम्बंदित है। जिसने अपने प्राकृतिक शक्तियों के साथ ब्रिटिशो के साथ कालका शिमला रेल लाइन के निर्माण का मार्गदर्शन किया। प्रसिद्ध बाबा भालकु को श्रद्धांजलि देने के लिए इस रेलवे संग्रहालय का उद्घाटन 7 जुलाई, 2011 को किया गया। माना जाता है की बाबा भलकू के पास कुछ ऐसे गुण थे की व अपने एक झड़ी के साथ ही बता देते थे की कौन सा रास्ता सही है सुरंग बनाने के लिए। उन के पास ऐसी ही बहुत सी शक्तिया थी। जिन का उपयोग उन्होंने कालका शिमला रेलमार्ग के निर्माण में किया।

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एक चमत्कारी व्यक्ति, A miracle

भालकु ने रेलमार्ग के निर्माण में केवल एक मजदुर था। जो एक लकड़ी का कर्मचारी था। ब्रिटिश इन्हे अपने साथ पहाड़ के एक हिस्से में ले जाने और आवाज़ सुनने के लिए प्रयोग किया जाता था। जब यह सोलन में बड़ोग के पास रुका था। उस समय सुरंग के निर्माण में बहुत से मुश्किलें आ रही थी। उस समय भलकू ने अपने विचार रखे और कहा की मुझे आगे मार्च करने दिया जाए और मेरे बताये मार्ग पर चला जाए। इस दौरान एच।एस हरिंगटन जो कालका शिमला रेलवे के एजेंट थे उन्होंने भलकू की अलौकिक शक्तियों की बहुत सराहना की और भलकू के कार्य से बहुत खुश हुआ।

बाबा भालकु संग्रहालय रेलमार्ग से समबन्दित ऐतिहासिक सामान, Historical items related to Baba Bhalku Museum Railroad

रेल लाइन के कर्मचारियों ने भालुकू के दिखाए रास्ते को अपनाया, जिससे कालका शिमला रैलयोजना संभव हो पाई। यहां एक दर्पण के प्रतिबिंब के तहत किए गए सुरंग संख्या 33 के मरम्मत कार्य का एक मॉडल भी प्रदर्शित किया गया है। जो बहुत ही आकर्षित और लोकप्रिय है। 1903 में कालका शिमला रेलवे का कार्य पूरा होने के पूरा होने के बाद बाबा भालकु जी बद्रीनाथ या जगन्नाथ पुरी की यात्रा पर गए। जहा से वो गायब हो गए।

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आकर्षण का केंद्र

बाबा भलकू संग्रहालय में बहुत से ब्रिटिश राज के रेलमार्ग में प्रयोग हुए औजार रखे गए है। संग्रहालय में सील और पोर्टर्स और अन्य कर्मचारियों द्वारा पहने गए लेबल भी हैं। और बहुत से स्टीम लोकोमोटिव हेडलाइट्स पीतल के लैंप लालटेन और टिकट पंचिंग मशीन भी शामिल में हैं। जो ट्रैक पर इस्तेमाल किया गया था। इस संग्राहलय में रेल लाइन की निर्माण की और स्टेशनों और सुरंगों के मार्ग की कुछ बहुत सी दुर्लभ और ऐतिहासिक पुरानी तस्वीरें रखी गयी हैं। भलुक्कू राम एक भारतीय नागरिक था।

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खुलने का समय, opening time

संग्रहालय की सीढ़ियाँ पुराने बस स्टैंड से होकर जाती हैं। यहां आने का समय सोमवार को छोड़कर सभी दिनों में सुबह 9:30 से शाम 4:30 बजे तक गुला रहता है। इस स्थान में बहुत से पर्टयक गुमने के लिए और ऐतिहासिक जानकारी प्राप्त करने के लिए आते है यदि आप शिमला आने का प्लान बना रहे है तो इस स्थान में आना ना भूले।