भारत का अंतिम गांव छितकुल एक लोकप्रिय पर्टयक स्थान, “Chitkul” the last inhabited village of India near the Indo-China border

Chitkul

चितकुल हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में स्तिथ भारत का अंतिम गांव है, जो प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है यह स्थान बहुत ही खूबसूरत और लोकप्रिय पर्टयक स्थान है। यह गांव भारत तिब्बत सिमा में स्तिथ भारत का अंतिम गांव माना जाता है। इस गांव में भारतीय रोड खत्म हो जाता है। इस गांव की खास बात यह है, की यह गांव हिमालय की गोद में बसा हुआ है। साथ ही यहां हरे भरे ख़ास के मैदान इस गांव को और ज्यादा खूबसूरत और लोकप्रिय बनाते है।

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शांत वातावरण के लिए प्रसिद्ध यह गांव, This village is famous for its quiet atmosphere

यह किन्नौर का सबसे ऊँचे इलाके का गांव है। पिछले कुछ सालो से छितकुल टूरिस्ट के दृस्टि कोण से बहुत उभरा है। यह गांव अपने वातावरण और शांती के लिए काफी प्रसिद्ध हो गया है। यह स्थान सर्दियों के समय पूरी तरह से बर्फ से ढक जाता है। यह भारत का एक मात्र ऐसा अंतिम स्थान है हर कोई जा सकता है। हर साल भरी मात्रा में सैलानी यहां गुमने के लिए आते है।

देवी माथी के तीन धार्मिक मंदिर, Three religious temples of Goddess Mathi

हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में स्तिथ इस गांव से ऊँची-ऊँची बर्फ से लदी पर्वत चोटिया और हरे-भरे घास के मैदानों के बीच से निकलती छोटी-बड़ी नदियां इस स्थान को चार चाँद लगा देती है। यह गांव बास्पा घाटी में स्तिथ है। जिस की ऊंचाई समुद्रतल से करीब 3450 मीटर की है। इस गांव के साथ ही बास्पा नदी भी बहती है जिस के दाहिने तट पर स्थित इस गांव में स्थानीय देवी माथी के तीन धार्मिक मंदिर बने हुए हैं। यह बहुत ही ऐतिहासिक माने जाते है।

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किन्नौर का क्राउन नाम से प्रसिद्ध यह गांव, This village famous as the Crown of Kinnaur

जो मुख्य रूप से गढ़वाल के निवासी द्वारा लगभग 500 साल पहले बनाया गया था। देवी के वर्ग का सन्दूक, अखरोट की लकड़ी से बना है और कपड़े से ढंका हुआ रहता है । इस लोकप्रिय गांव को किन्नौर का क्राउन भी कहते है। छितकुल हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से लगभग 250 किलोमीटर की दूरी पर स्तिथ है। इस गांव बहुत सी प्रकृति की बेजोड़ सुंदरता को अपने में समाए हुए है। इस गांव में एक बहुत ही लोकप्रिय ढाबा भी स्तिथ है जो हिन्दुस्थान का आखरी ढाबा नाम से विश्व विख्यात है।