61 हजार विदेशी परिंदे हिमाचल प्रदेश की विश्व प्रसिद्ध पौंग झील में पहुंचे

मिली जानकारी के अनुसार विश्व प्रसिद्ध रामसर साइट वेटलैंड महाराणा प्रताप सागर में ठंड बढ़ने के साथ ही प्रवासी पक्षियों के आने की सख्यां का बढ़ना भी शुरू हो गया है। पौंग झील में लगभग चार दर्जन प्रजातियों के 61 हजार विदेशी परिंदे अभी तक की गई सामान्य गणना के अनुसार यहां पहुंच चुके हैं। जैसे-जैसे यहां ठंड बढ़ेगी, प्रवासी पक्षियों का आगमन भी बढ़ता जाएगा। इन विदेशी मेहमानों की सुरक्षा के लिए वन्य प्राणी विभाग पूर्ण रूप से तैयार है। विदेशी परिंदों के अवैध शिकार को रोकने के लिए टीमें बनाकर इनकी निगरानी की जा रही है। वन्य विभाग ने इन विदेशी परिंदों की सुरक्षा के लिए पौंग झील क्षेत्र में शिकारियों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगवा दिए हैं।

पौंग झील में मार्च तक पक्षियों की लगभग103 प्रजातीयो का आगमन

दुनिया की इस बहुत अच्छे वेटलैंड में विदेशी पक्षियों की संख्या में प्रत्येक सप्ताह में इनकी वृद्धि दर्ज की जा रही है। यह हजारों विदेशी परिंदे पौंग बांध झील के आसपास डेरा डाल चुके हैं। इन परिंदों की चहचहाहट से वहां का क्षेत्र चहक रहा है। साइबेरिया के साथ-साथ जब अन्य देशों में बहुत अधिक ठंड के कारण जलाशयों का पानी जम जाता है, तो यह परिंदे हजारों किलोमीटर की यात्रा करके भारत में आते हैं। फरवरी-मार्च के महीने में जब यहां गर्मी शुरू हो जाती है तो यह विदेशी परिंदे फिर से अपने क्षेत्रों को वापस लौट जाते हैं। मार्च तक पौंग झील में पक्षियों की लगभग103 प्रजातियां आती हैं।

साल के हर माह बढ़ रहा इन प्रजातीय परिंदो का आकड़ा

साल 2018 से 2019 में विदेशी पक्षियों की संख्या 1,15,229 लाख थी, जबकि इससे पहले वर्ष 2017 से 2018 में 62 प्रजातियों के प्रवासी पक्षियों की संख्या 1,10,203 लाख थी। वेटलैंड में हर साल नए यात्री पक्षी आते हैं। पौंग बांध जलाशय में पहुंचने वाले पक्षियों में बारहेडिड गीज, कामनटील, नॉर्दन पटेल, कॉमनकूट, लिटल कोरमोरेंट, चिफचेफ, रुडी, शेल्डक, कामन, पोचार्ड, कमनतीलगडवाल, लिटिल, कोर्मोरेंट, स्पाट्विल, मलार्डबड्र्, युरेशियन टीलमूरहेन ग्रेट इग्रेट आदि पक्षी प्रमुख हैं।

हमीरपुर वन्य प्राणी विभाग के डीएफओ राहुल का कहना है कि अक्तूबर से अभी तक करीब 61 हजार प्रवासी परिंदे यहां पहुंच चुके हैं। यह झील एक प्रसिद्ध वन्यजीव अभयारण्य है। इन मेहमान परिंदों की सुरक्षा के लिए विभाग पूरी तरह से तैयार है।

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