“गल्लू देवी” मंदिर जहां से होकर गुजरता है धर्मशाला का प्रसिद्ध त्रिउंड ट्रेक, The famous TRIUND TREK of Dharamshala is where the Gallu Devi temple passes through

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हिमाचल प्रदेश अपनी आस्था और भक्ति के लिए पुरे देश भर में जाना जाता है। ऐसा ही एक धार्मिक स्थान है धर्मशाला के निकट धर्मकोट में जो गल्लू देवी नाम से जाना जाता है। इस मंदिर की ख़ास बात है की यह इस मंदिर में विराजमान माता यहां के निवासियों की कुल देवी है। साथ ही में यह भुई मान्यता है की जो भी पर्टयक त्रिउंड ट्रेक के लिए जाता है

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यदि वो इस मंदिर में दर्शन कर के निकले तो उसे इस ऊँचे ट्रेक में चलने में ज्यादा दिकत नहीं होगी। यहां से कांगड़ा घाटी और धौलाधार पर्वतमाला के व्यापक दृश्यों के साथ और भी बहुत से प्राकृतिक दृश्यों का नजारा देखने को मिलता है। धर्मकोट में विपश्यना ध्यान केंद्र धम्म शिकारा और साथ ही तुशिता ध्यान केंद्र भी स्तिथ है।

पर्टयक टैक्सी द्वारा भी यहां पहुंच सकते है, Tourist can also reach here by taxi

धर्मशाला में बहुत से अद्भुत और रोमांचित ट्रेक है। जो अपनी अपनी लोकप्रिता के लिए जाने जाते है, जहां हर साल बहुत से पर्टयक गुमने और अपना समय व्यतीत करने के लिए आते है। यह धार्मिक मंदिर में उन्ही में से है इस मंदिर के लिए ट्रेक धर्मकोट से शुरू हो जाता है धर्मकोट से इस ट्रेक का रास्ता केवल 2 किलोमीटर की है, जो घने देवदार के ऊँचे ऊँचे पैडो से होकर गुजरता है। यह स्थान पूरी तरह से प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है। इस मंदिर के लिए टैक्सी सेवा भी उपलब्ध है, पर्टयक टैक्सी द्वारा भी यहां पहुंच सकते है। यह बहुत ही ऐतिहासिक मंदिर है।

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देवदार और घने जंगलो से गुजरता माँ गल्लू देवी के लिए यह रास्ता

गल्लू देवी मंदिर में ज्यादा तर सैलानी पैदल ही आना पसदं करते है, देवदार और घने जंगलो से गुजरता माँ गल्लू देवी के लिए यह रास्ता बहुत ही रोमांचित है यहां बहुत से अद्भुत दृश्य है जो यहा आये पर्टयकों को बेहद शांति प्रदान करते है। जो भी पर्टयक यहां सच्चे मन से अपनी मुराद ले कर आता है, माँ उस की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करती है।

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गल्लू देवी मंदिर आने का सही समय और दुरी, The right time and prayers to visit the Gallu Devi temple

यह मंदिर धर्मशाला बस स्टैंड से केवल 14 किलोमीटर की दुरी पर स्तिथ है, आप सरकारी या निजी बस द्वारा मैक्लोडगंज पहुंच सकते हो,बस सेवा केवल मैक्लोडगंज तक ही है उस के बाद आप को यहां से टैक्सी लेने होगी। या आप पैदल भी यहां तक पहुंच सकते हो। यहां आप साल में कभी भी आ सकते हो यह स्थान पुरे साल खुला रहता है। सर्दियों में यहां भारी मात्रा में बर्फबारी होती है जिस दौरान पर्टयकों का यहां आना जाना ज्यादा हो जाता है। यदि आप भी धर्मशाला की यात्रा में निकले हो तो इस स्थान में आना ना भूले यहां से आप को बहुत से पहाड़ी दृश्य देखने को मिलेंगे।