हिमाचल प्रदेश में स्तिथ नूरपुर किले का गौरवशाली और रोचक इतिहास, Glorious and interesting history of Nurpur Fort in Himachal Pradesh

हिमाचल प्रदेश की पहाड़ियों में स्तापित यह एक बहुत ही ऐतिहासिक और खूबसूरत किला है। जो अपने में बहुत सी ऐतिहासिक जानकारी समेटे हुए है। इस किले का नाम नूरपुर किला है। इस किले का नाम जहांगीर की पत्नी नूरजहां के नाम पर पड़ा था। नूरजहां इस स्थान में आई थी। और यहां के राजा ने उन्हें खुश करने के लिए इस किले का नाम नूरपुर रेखा था। जबकि इस स्थान को पहले धमड़ी हुआ करता था। इस किले को 10 वीं शताब्दी में बनाया गया था। हिमाचल प्रदेश में ऐसे बहुत से ऐतिहासिक किले है। जो इतिहास के रोचक तथ्यों की जानकारी देते है। नूरपुर किले की नींव राजा बसु ने पैठन वर्तमान पठानकोट से अपनी राजधानी नूरपुर स्थानांतरित करते हुए रखी थी।

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विराजमान है कृष्ण और मीरा बाई की मूर्तियाँ, Idols of Krishna and Meera Bai are sitting

हिमाचल प्रदेश में स्तिथ नुपुर किले को पहले धमेरी किले के रूप में जाना जाता था। इस किले को अंग्रेजों ने नष्ट कर दिया और फिर 1905 में भूकंप आया। इस किले के अंदर एक धार्मिक मंदिर स्तिथ है जो बृज राज स्वामी नाम के किले के अंदर का मंदिर 16 वीं शताब्दी में बनाया गया था और यह उन एकमात्र स्थानों में से एक है। जहां भगवान कृष्ण और मीरा बाई दोनों की मूर्तियाँ हैं। पूजा की जाती है। कांगड़ा में स्तिथ यह किला पंजाब के पठानकोट के साथ लगता नूरपुर कस्बे में स्तिथ एक बेहद सुंदर किला है। इस कस्बे का सबसे बड़ा आकर्षण का केंद्र यहां की एक पहाड़ी में स्थित नूरपुर किला है। यह किला बेहद अद्भुत है।

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किले के अंदर स्तिथ विचित्र तालाब और कुएं, Bizarre ponds and wells located inside the fort

इस किले में काफी मात्रा में कुएं व एक तालाब स्तिथ है जो यहां गुमने आये पर्टयकों के लिए काफी आकर्षक है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार यहां मौजूद एक तालाब के बारे में कहा जाता है कि यह सूर्य की लालिमा के साथ अपना रंग भी बदलता था। जो अब तालाब में पसरी गंदगी के कारण नहीं दिखाई देता। इस किले में अवशेष आज भी नूरजहां की नगरी के गौरवशाली अतीत की याद दिलाते हैं। नूरपुर किला आज भी अपने सम्राज्य और शासन की याद दिलाता है। अब यह स्थान सैलानियों और यहां गुमने आये पर्टयकों का पसदींदा स्थान बना हुआ है।

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किले के अंदर बृज स्वामी मंदिर, Brij Swamy Temple inside the fort

इस किले के अंतिम शासक राजा जगत सिंह रहे। उनके समय में ही यहां बृज स्वामी मंदिर की भी स्थापना हुई थी। इस मंदिर में अब भी रात को मीरा के घुंघरुओं की आवाज सुनाई देती है। इस किले में बहुत से राजाओ ने राज किया था। इस किले काफी बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है। यदि आप यहां गुमने के लिए जाते हो तो आप को पुरे किले का भर्मण करने के लिए पुरे 2 घंटे का समय लगेगा।

किले की ऊँचे ऊँचे दीवारे यह बताती है की उस समय भी निर्माण कला कितनी शक्तिशाली थी। आप यदि हिमाचल प्रदेश गुमने का प्लान बना रहे है तो इस स्थान में जाना ना भूले और किले के ऐतिहासिक और रोमांचित तथ्यों की जानकारी प्राप्त करे।