हिमाचल में स्तिथ यह अद्भुत साथ झीले से निर्मित “लम डल झील”, Lum Dal Lake made of lakes with this amazing place in Himachal

हिमाचल प्रदेश में स्तिथ यह झील एक बहुत ही खूबसूरत झीले में से एक है। यह झील साथ झीले के समूह से बनी एक प्राकृतिक झील है। यह झील धौलाधार के पहाड़ो में 3900 मीटर की ऊंचाई पर स्तिथ है, इस खूबसूरत झील को कोई भी प्रकृति प्रेम देखना चाहेगा। इस झील की परिधि लगभग 2।5 किमी की है।

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इस झील हिमाचल प्रदेश में स्तिथ सबसे लोकप्रिय पर्टयक स्थानों में से एक है, पर्टयक स्थान होने के साथ साथ यह एक धार्मिक झील में मानी जाती है। इस झील में होली कृष्ण जन्मास्टमी के दौरान बहुत से श्रदालु और पर्टयक इस झील में डुबकी लगाते है। इस प्राकृतिक झील को भगवान शिव और शक्ति का घर माना जाता है।

कांगड़ा और चंबा के बिच में स्तिथ यह खूबसूरत झील, This beautiful lake is situated between Kongra and Chamba

लम डल झील के आसपास किसी को भी शिविर लगाने की अनुमति नहीं है। यहाँ आप को चारों ओर कई छोटी-छोटी गुफाओं में स्थानीय लोगों के अस्थायी पत्थर से बनी बस्तियों को देख सकते है। जो पर्टयक और स्थाई निवासी लम डल की अपनी यात्रा के दौरान में यहां रहते हैं। इन गुफाओं का निर्माण तथा इन का उपयोग ज्यादातर स्थानीय चरवाहे करते है।

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जिन्हे गद्दी समुदाय कहा जाता है। इस झील की एक खास बात और है जो इसे और भी ज्यादा आकर्षित करती है। यह झील दो पहाड़ो के बिच में स्तिथ है। जो कांगड़ा और चंबा की सिमा बनाते है। इस धार्मिक झील में यात्रा करने के लिए दोनों जिलों से हर साल बहुत से लोग डुबकी लगाने के लिए आते है।

लम डल झील जाते समय मिलेंगे यह दर्रे, This pass will meet while going to Lum Dal Lake

लम डल झील के लिए रास्ता इंद्रहार पास, मिंकियानी पास, और गज दर्रे से होकर निकलता है। इस पर्वत श्रृंखला में स्तिथ कुल मिलाकर बाईस झीलें हैं। जो इस स्थान को और भी ज्यादा रोमांचित और लोकप्रिय बनाती है। हिमाचल प्रदेश के धौलाधार रेंज में यह केवल एक मात्र ऐसी झील है। लम डल ट्रेक भरमौर के मनोरम क्षेत्र से होकर भी गुजरता है। जो जिला चम्बा में एक गांव है।

धर्मशाला से सल्ली गांव, Dharamshala to Salli

इस खूबसूरत ट्रेक में पहुंचने के लिए आप को 7 दिनों का समय लगेगा। इन दिनों को आप अपने हिसाब से कम भी कर सकते हो यदि आप चलने में सही हो। आप का पहला दिन दिन धर्मशाला से सल्ली तक का होगा सल्ली एक गांव है, यहां रुक कर आप अगले दिन सुबह सल्ली से चंद्राल पहुचेगे जिसकी ऊंचाई 2100 मीटर है। यहां की दुरी 6 किमी तथा समय 3-4 घंटे ट्रेक के बाद छोटी से कामचलाऊ पुल से शुरू होता है। ट्रेक ट्रेल नदी के साथ-साथ चंद्रेला धार स्तिथ है। चंद्रेला तक ट्रेक धीरे-धीरे चढ़ता है, यहां तक के ट्रेक को एक आसान ट्रेकिंग माना जाता है।

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2 day ,दूसरे दिन आप चकरौला से चकरोटू जिसकी ऊंचाई समुद्रतल से 2700 मीटर की है। इसकी दुरी 12 किमी की है और समय 5 – 6 घंटे लगता है। यहां आप सुबह के नाश्ते के बाद चकरोटू तक पैदल आप का ट्रेक शुरू होता है। जैसे-जैसे आप ऊपर पहाड़ो की ओर बढ़ते हैं, आप को बहुत से प्राकृतिक दृश्य देखने को मिलेंगे। आज के ट्रेक में कुछ क्रमिक अप है। चकरोटू आप के दूसरे दिन का ठहराव होगा।

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day 3 तीसरे दिन बालयानी पास जो 3500 मीटर की ऊंचाई पर स्तिथ है। बलानी जोत के माध्यम से आप की दुरी 12 किमी और समय 6-7 घंटे समय विटाने के बाद बालयानी पास को पार करने के लिए दिन की शुरुआत करें। इस की ऊंचाई समुद्रतल से 3850 मीटर है। बलियानी जोत तक लंबी पैदल पहाड़ी यात्रा है। बालयानी पास ट्रेक पर ठहराव के बाद ढलान पर जाने के बाद दल्ही नामक स्थान में रुकें। रात भर दल्ही में रुके।

day 4 दल्ही में सुबह की शुरुआत लाम डल झील की ओर होती है। आप झील के आसपास समय बिता सकते है। और बाद में वापस लौट कर दल्ही आना पड़ता है। क्योंकि हिमालय में पवित्र झीलों के पास शिविर लगाने की अनुमति नहीं है। इस दौरान आप बहुत से प्राकृतिक दृश्य को निहार सकते है। जो आप को बेहद शांति और सकून प्रदान करेगा।

day 5 Rest day or spare day

day 6 लम डल झील से करेरी झील की दुरी लगभग 12 किलोमीटर की है। आप यहां से सुबह के नाश्ते के बाद, करेरी झील की सैर शुरू कर सकते है। करेरी झील मिंकयानी पास से गुजरती है। यह ट्रेक का उच्चतम बिंदु है। मिंकयानी जोत की ऊंचाई समुंद्रतल से 4100 मीटर की है। पहाड़ी रास्ते से ऊपर की ओर ट्रेकिंग करते हुए, यहां से पर्टयकों को मिंकयानी जोत कांगड़ा घाटी जैसे अद्भुत दृश्यो को देखने का अवसर प्रदान करता है। पर्टयक इस घाटी में कारेरी झील को नीचे देख सकते हैं। डाउनहिल से करेरी झील तक 2-3 घंटे लगते हैं।

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day 7 आप करेरी झील से करेरी गांव को निकलेंगे जिस की दुरी 12 किलोमीटर की है। सुबह करेरी गांव के लिए ट्रेकिंग शुरू करें। यहां से आप नौली गांव के पास पहुंचेंगे। लेकिन यहां से भी वाहन या यातायात की कोई सेवा नहीं है। करेरी गाँव तक पहुँचने के लिए आपको 2 किलोमीटर पैदल चलना होगा। करेली गाँव में आप की यह रोमांचित यात्रा गतम हो जायेगी। करेली गाँव से मैकलोडगंज की दुरी 20 किलोमीटर की है।