विश्व का एक मात्र ऐसा स्थान जहा शिव भगवान के शिवलिंग के है दो रूप, “अर्धनारीश्वर” भगवान शिव का एक चमत्कारी मंदिर

हिमाचल प्रदेश में बहुत से देवी देवताओ के मंदिर और धार्मिक स्थान है। जिस का कारण यहां के लोगो की आस्था और भगवान के ऊपर अटूट विश्वास है। हिमाचल प्रदेश एक मात्र एक ऐसा राज्य है। जहा हर 3 किलोमीटर की दुरी में कोई ना कोई मंदिर या धार्मिक स्थान स्तिथ है। इसी लिए हिमाचल प्रदेश को देवी देवताओ की भूमि भी कहा जाता है।

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चमत्कारी और रहस्मयी स्थान, Miraculous and mysterious place

इन में से बहुत से मंदिर ऐसे है जो बेहद चमत्कारी और रहस्मयी है। जिस का जवाब विज्ञानं के पास भी नहीं है। कुछ ऐसा ही एक मंदिर है। हिमाचल प्रदेश के काँगड़ा जिले में काठगढ़ महादेव मंदिर यह मंदिर बहुत ही प्राचीन और महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल हैं। यहां शिव भगवान का एक बहुत ही रहस्मयी शिवलिंग स्थापित है। जो दो भागों में बंटा हुआ है।

दो विभिन्न रूपों में बंटा हुआ है यह पवित्र शिवलिंग, This holy Shivling is divided into two different forms.

यह पवित्र शिवलिंग मां पार्वती और भगवान शिव के दो विभिन्न रूपों में बंटा हुआ है। माना जाता है की शिवलिंग में ग्रहों और नक्षत्रों के परिवर्तन के अनुसार इनके दोनों भागों के बिच की दुरी का अंतर घटता-बढ़ता रहता है। इस मंदिर में स्तिथ शिवलिंग ग्रीष्म ऋतु में स्वरूप दो भागों में बंट जाता है और जैसे ही शीत ऋतु नजदीक आती है तो खुद ही धीरे-धीरे एक रूप धारण कर लेता है। यह सच में बहुत ही बड़ा चमत्कार है हर साल बहुत से श्रदालु यहां दर्शन के लिए यहां आते है।

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इस ऐतिहासिक मंदिर का निर्माण, Construction of this historic temple

ऐतिहासिक मान्यताओं के अनुसार इस धार्मिक काठगढ़ महादेव मंदिर का निर्माण सबसे पहले सिकंदर ने करवाया था। इस शिवलिंग से सिकंदर बहुत ज्यादा प्रभावित हुआ था। सिकंदर ने अपने सैनको को इस टीले पर मंदिर बनाने के लिए यहां की भूमि को समतल करने के लिए आदेश दिए, और भगवान शिव भगवान के इस भव्य मंदिर का निर्माण करवाया।

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साक्षात् भगवान शिव और पार्वती के होने प्रमाण, Evidence of God Shiva and Parvati

इस पवित्र स्थल में शिवलिंग का रंग काले और भूरा है। शिव के रूप में पूजे जाने वाले इस पवित्र शिवलिंग की ऊंचाई लगभग 7-8 फीट है और पार्वती के रूप में पूजे जाते शिवलिंग की ऊंचाई लगभग 5-6 फीट है। यह शिवलिंग साक्षात् भगवान शिव और पार्वती के होने प्रमाण देता है। शिवरात्रि त्योहार के दौरान यहां हर साल यहां तीन दिन मेला लगता है। इस त्यौहार को देखने के लिए बहुत भारी मात्रा में श्रदालु देश से ही नहीं बल्कि विदेशो से भी आते है।

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शिव और शक्ति के अर्द्धनारीश्वर स्वरुप के संगम के दर्शन करने के लिए यहां कई भक्त पूरी श्रद्धा के साथ आते है। यदि आप भी इस स्थान में दर्शन के लिए आना चाहते है तो आ सकते है यह स्थान सभी वर्ग के लोगो के लिए हमेशा खुला रहता है। साल के किसी भी महीने आप यहां दर्शन के लिये आ सकते है।

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