लिप्पा असरांग वन्यजीव अभ्यारण्य, “Lippa Asarang Wildlife Sanctuary” in Kinnaur district of Himachal Pradesh

picture_saved(52)

हिमाचल प्रदेश विभिन्न पर्वत मालाओ के बिच में स्तिथ एक बहुत ही खूबसूरत राज्य है, जो अपने वातावरण और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए जाना जाता है। हिमाचल प्रदेश एक पहाड़ी राज्य है जिस बजह से यहां के पहाड़ो में विभिन्न प्रकार के जंगली जानवर पाए जाते है। इन जानवरो को सुरक्षित रखने के लिए बहुत से वन्य जिव अभ्यारण बनाये गए है। जहा हिमाचल गुमने आये सैलानी इन का दीदार कर सकते है। एक ऐसा ही वन्य जिव अभ्यारण है, किन्नौर जिले में जो बहुत ही खूबसूरत वन्य जिव अभ्यारण्य है, इस अभ्यारण का नाम लिप्पा असरांग वन्यजीव अभ्यारण्य है।

picture_saved(53)

इस अभ्यारण्य की घास स्वस्थ और पौष्टिक मानी जाती है, The grass of this sanctuary is considered healthy and nutritious

हिमाचल प्रदेश में स्तिथ यह लिप्पा अभ्यारण समुद्रतल से लगभग 2438 मीटर की ऊंचाई पर तैती नामक एक तट पर स्थित है। यहां का खास बहुत लोकप्रिय माना जाता है। यहां के जलवायु में पनपती घास और वनस्पति पशु और घोड़ों के लिए बहुत स्वस्थ और पौष्टिक मानी जाता है। यदि आप यहां गुमने और समय व्यतीत करने के लिए आये हो तो आप को यहां पर पास के जंगलों में चारों ओर घूमने पर बहुत से जानवर जैसे आइबेक्स, जंगली बकरी की प्रजाति को भी देख सकते हैं। यह बहुत ही खूबसूरत स्थान है, प्राकृतिक सौंदर्य से साथ साथ यहां बहुत से धार्मिक स्थान भी स्तिथ है। यहां पर तीन बौद्ध मंदिर हैं, जो गल्दंग छोइकर, डुन्गुइर और कंग्युर को समर्पित धार्मिक बौद्ध स्थान हैं।

picture_saved(54)

इस अभ्यारण्य में पाए जाने वाले जानवर, Animals found in this sanctuary

इस अभ्यारण्य की स्थापना 1974 में की गयी थी। यह लोकप्रिय अभ्यारण्य 3,089 हेक्टेयर के क्षेत्र में फैला हुआ है। इस अभ्यारण्य में विभिन्न प्रकार की वनस्पति और वन्यजीव पाए जाते हैं। जो यहां की शोभा को और ज्यादा बड़ा देते है। इस अभ्यारण्य में याक, आईबेक्स, हिमालय कस्तूरी मृग, गोराल भालू इत्यादि जानवर पाए जाते हैं। यहाँ के जंगलो में पर्णपाती तथा शीतोष्ण किस्म की वनस्पति पायी जाती है। जो पुरे भारत में जानी जाती है।

picture_saved(55)

लिप्पा-असरांग वन्यजीव अभ्यारण्य पाया गया था बर्फीला तेंदुआ, Lippa-Asrang Wildlife Sanctuary was found icy leopard

इस लिप्पा-असरांग वन्यजीव अभ्यारण्य में कुछ समय पहले एक बर्फीला तेंदुआ भी देखा गया था। ज्यादा तर बर्फीला तेंदुआ मध्य व दक्षिण एशिया तथा रूस के अल्ताई पर्वत में पाया जाता है। बर्फीला तेंदुआ आमतौर पर 3000 से 4,500 मीटर की ऊंचाई पर पाया जाता है। बर्फीला तेंदुआ अपने भोजन के लिए मुख्य रूप से वन्य जीवों पर निर्भर होता है। भारत में यह जानवर ज्यादा तर उच्च हिमालय वाले क्षेत्रो में पाया जाता है। बर्फीला तेंदुआ हिमाचल प्रदेश का राष्ट्रीय पशु खोषित किया गया है।अत्याधिक शिकार व आवास के नाश के कारण इसका अस्तित्व खतरे में हैं।