दवाइयों को Management ने चुपचाप जलाया : चंबा मेडिकल कॉलेज

हिमाचल प्रदेश के चंबा मेडिकल कॉलेज में Expiry date दवाइयों को Management ने चुपचाप आग में जला दिया। वीरवार को टीबी हॉस्पिटल के पास Management के द्वारा खुले में दवाइयों को एक पेटी में डालकर आग लगा दी गई। Management की इस कार्यप्रणाली पर कई तरह से प्रश्न उठ रहे हैं। दवाइयां Expiry date कैसे हो गईं। अगर दवाइयां Expiry date हो भी गईं तो इन्हें वापस क्यों नहीं किया गया या फिर इन दवाइयों को वैज्ञानिक तरीके से क्यों नहीं जलाया गया।

विभागीय अधिकारी भी बैठे हैं आंखें मूंद कर

ऐसा क्या हो गया कि इन दवाइयों को जलाना पड़ा। बायोमेडिकल वेस्ट को समाप्त करने के लिए वैज्ञानिक तरीके का इस्तेमाल करना पड़ता है। चंबा हॉस्पिटल में बायोमेडिकल वेस्ट Open में फेंका जा रहा है। Expiry date हो चुकी दवाईयों को खुले में ही आग से जलाया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि यह सारा कारनामा विभागीय अधिकारी के सामने हो रहा है। यह विभागीय अधिकारी आंखें मूंद कर बैठे हैं।

दवाइयों को आग में जलाकर वातावरण को किया जा रहा प्रदूषित

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से पहले भी मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को बायोमेडिकल वेस्ट वैज्ञानिक तरीके से समाप्त करने के आदेश दिए जा चुके हैं। इसके बावजूद भी मेडिकल कॉलेज प्रबंधन समझने को तैयार नहीं। इन दवाइयों को आग से जलाकर वातावरण को प्रदूषित किया जा रहा है। जिस जगह पर यह दवाईयां जलाई जा रही हैं। वहां पर रहने वाले लोगों की सेहत पर इसका बहुत बुरा असर पड़ रहा है।

अस्पतालों में मरीजों को दवाइयां न मिलने से उठानी पड़ती है परेशानी

अस्पतालों में कुछ मरीजों को दवाइयां न मिलने से परेशानी उठानी पड़ती है। वहीं, दूसरी तरफ हॉस्पिटल में दवाइयां Expiry date हो रही हैं। प्रश्न यह है कि समय रहते इन दवाइयों को मरीजों को क्यों नहीं दिया जाता है। इस तरह से दवाइयां जलाने पर हॉस्पिटल प्रबंधन पर कई तरह के प्रश्न उठ रहे हैं।

इसके लिए बनाई गई है बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट कमेटी

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर अनूप वैद्य ने कहा कि इस तरह से खुले में दवाईयों को जलाया नहीं जा सकता। इन सब के लिए बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट कमेटी को बनाया गया है। जो हॉस्पिटलों से Expiry date होने वाली दवाईयों को इकट्ठा करती है। अगर चंबा मेडिकल कॉलेज में दवाइयां खुले में जलाई जा रही हैं, तो मेडिकल कॉलेज के Principal और चिकित्सा अधीक्षक से इसके लिए पूछताछ की जाएगी।

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