पुलिस के अधिकारियों की मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1100 के माध्यम से मिल रही बहुत ज्यादा शिकायतें

अपराधियों को पकड़ने वाली पुलिस को अब गुनहगारों के परिवार वाले ही गुनेहगार बनाने पर तुल गए हैं। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1100 की सहायता से इस सारे काम को अंजाम दिया जा रहा है। पुलिस किसी मुजरिम को पकड़ने के लिए दबिश दे या फिर उसे गिरफ्तार करे। आरोपी के परिवार वाले 1100 पर फ़ोन कर पुलिस वालों पर ही नियम एवं कानून तोड़ने और उनको प्रताड़ित करने का आरोप लगा रहे हैं। परिणामस्वरूप, अपराध नियंत्रण एवं कानून व्यवस्था को संभालने का मुख्य काम करने वाले पुलिस के अधिकारी ही मुजरिमों को पकड़ने के बजाय अपने ही बचाव में सफाई देते फिर रहे हैं।

जानकारी के अनुसार पिछले कुछ समय में हिमाचल पुलिस के अलग अलग स्तर के अधिकारियों को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1100 के द्वारा कई ऐसी शिकायतें मिलीं, जिनमें पुलिस के अधिकारियों पर आरोप लगाया गया कि पुलिस कर्मी ने उनके परिवार के सदस्य के साथ मारपीट की। इसी प्रकार पूछताछ कर प्रताड़ित करने एवं बिना गलती के ही गिरफ्तार करने और झूठा मुकदमा बनाने जैसी अनेक शिकायतों का अंबार लग गया।

पुलिस कर्मियों ने इन शिकायतों के डर से अपराध करने वालों को छोड़ दिया

जब की मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में जब तक शिकायत करने वाला संतुष्ट न हो, तब तक शिकायत बंद नहीं होती। इसी बात का फायदा यह कानून तोड़ने वाले गुनेहगार उठा रहे हैं। एडीजी कानून व्यवस्था एसबी नेगी ने जानकारी दी कि बहुत शिकायतें मिलीं है, जिनकी उच्च स्तर के अधिकारियों ने जब सविस्तार जांच की तो पता चला कि यह शिकायते आरोपी के परिवार वाले ही कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार कुछ मामलों में तो पुलिस कर्मियों ने इन शिकायतों के डर से ही अपराध करने वालों को छोड़ दिया।

शिकायते गलत पाई तो सरकारी काम में रुकावट पहुंचाने पर झेलनी पड़ सकती है कार्रवाई

यद्यपि, अब पीएचक्यू ने बताया है कि पुलिस अधिकारी अपनी कार्रवाई को नियमों में रहकर जारी रखे। इन सभी मामलों में शिकायत आने पर जांच के बाद ही किसी पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि अगर यह शिकायते गलत पाई गई तो शिकायत करने वाले को भी सरकारी काम में रुकावट पहुंचाने पर कार्रवाई झेलनी पड़ सकती है।