माँ बगलामुखी जी मंदिर हिन्दुओ का प्रसिद्ध और पूजनीय धार्मिक स्थान, Maa Baglamukhi Temple is a famous and revered religious place of Hindus

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यह पवित्र धार्मिक स्थान हिमाचल प्रदेश के काँगड़ा जिले में स्तिथ है। जिसे माँ बगलामुखी के नाम से जाना जाता है। यह स्थान कांगड़ा जिले के लोकप्रिय पर्यटन स्थानों में से एक है। हर दिन यहां भारी मात्रा में श्रदालु दर्शन और पूजा के लिए आते है। पौराणिक कथाओं में माँ बगलामुखी को दस बुद्धि की देवी में से एक माना जाता है। यह स्थान जो बगलामुखी मंदिर के नाम से जाना जाता है। जहां हर साल बहुत से श्रदालु देश विदेश से दर्शन के लिए आते है।

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महाभारत काल से समबन्दित, Associated since Mahabharata period

यह लोकप्रिय स्थान हिमाचल प्रदेश में कांगड़ा जिले के बनखंडी गांव में स्थित प्रसिद्धध शक्तिपीठ है। यह धार्मिक मंदिर हिन्दू धर्म के लाखों लोगों की आस्था का केन्द्र है। बगुलामुखी का यह धार्मिक मंदिर महाभारत काल का माना जाता है। यहां स्तिथ पांडुलिपियों में माँ के जिस स्वरूप का वर्णन है। माँ ठीक उसी स्वरूप में यहाँ विराजमान हैं। ये पीतवर्ण के वस्त्र, पीत आभूषण तथा पीले रंग के पुष्पों की ही माला धारण करती हैं। जिस बजह से इस मंदिर में के हर एक दीवार पिली रंग की है।

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पिला रंग आस्था का प्रतीक, Yellow color symbol of faith

यह पूरा मंदिर पिले रंग से चित्रित है। जो यहां आये सैलानी को अपनी और आकर्षित करती है। बगलामुखी जयंती’ पर यहाँ मेले का आयोजन भी किया जाता है। इस मंदिर में ‘बगलामुखी जयंती’ पर हर वर्ष हिमाचल प्रदेश के अतिरिक्त देश के विभिन्न राज्यों से लोग आकर अपने कष्टों के निवारण के लिए हवन पूजा-पाठ करवाकर माता का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। माना जाता है की यहां हवन करने से भी दुखो का निवारण होता है और सभी दुखो से मुक्ति मिलती है। इस धार्मिक मंदिर का नाम ‘श्री 1008 बगलामुखी वनखंडी मंदिर’ है।

नगरकोट के महाराजा संसार चंद कटोच भी करते थे माँ बगलामुखी की आराधना, Maharaja Sansar Chand of Nagarkot also worshiped Mother Baglamukhi

माना जाता है की बगलामुखी जयंती पर मंदिर में हवन करवाने का विशेष महत्व है। जिससे कष्टों का निवारण होने के साथ-साथ शत्रुभय से भी मुक्ति मिलती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार द्रोणाचार्य, रावण, मेघनाद इत्यादि सभी महायोद्धाओं द्वारा माता बगलामुखी की आराधना करके अनेक युद्ध लड़े गए थे। कहा जाता है की नगरकोट के महाराजा संसार चंद कटोच भी इस धार्मिक मंदिर में बगलामुखी की आराधना किया करते थे। जिनके आशीर्वाद से उन्होंने कई युद्धों में विजय प्राप्त की।

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ऋद्धि-सिद्धि प्राप्ति सर्व कष्टों के निवारण के लिए मंदिर में हवन-पाठ, Havana recitation in the temple to get rid of all the sufferings

इसी बजह से यहां बहुत से लोग अपने कष्टों के निवारण के यहां निरंतर आना आरंभ हुए। और श्रद्धालु नवग्रह शांति, ऋद्धि-सिद्धि प्राप्ति सर्व कष्टों के निवारण के लिए मंदिर में हवन-पाठ करवाते हैं। लोगों का अटूट विश्वास है कि यदि कोई सच्चे माणसे यहां देसरशान के लिए आते हैं। तो माता अपने दरबार से किसी भगत को निराश नहीं भेजती हैं। केवल सच्ची श्रद्धा की आवश्यकता है।