चुनरियों से बने थैलों में बंटेगा प्रसाद, सिरमौर प्रसाशन की नई पहल

Maa Bala Sundari Temple

अब पर्यावरण बचाएगा पांवटा साहिब में मां बालासुंदरी मंदिर (Maa Bala Sundari Temple, Bada Trilokpur – Nahan) में चढ़ावे के रूप में चढ़ाई जाने वाली चुनरियां और मन्नत का कपड़ा। इन चुनरियों से बने थैलों में प्रसाद बांटा जाएगा, जबकि 1 लाख कपड़े से बनाए गए थैले लोगों में बांटे जा रहे हैं, जिससे कि सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक लगई जा सके। प्लास्टिक मुक्त और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जिला प्रशासन के द्वारा यह पहल की गई है।

सामान खरीदने के लिए पॉलीथिन बैग की जगह थैला साथ लेकर बाजार जाने का पुराना रिवाज़ शुरू

कपड़े के थैलों का बंटवारा संगड़ाह ब्लॉक से शुरू हो गया है, जबकि मंदिर ट्रस्ट को चुनरी के थैले दिए गए हैं। प्लास्टिक का उपयोग न करने की सलाह भी लोगों को दी जा रही है। इसके साथ-साथ ग्रामीणों से भी पंचायत कार्यालय में पुराने कपड़े जमा करवाने का अनुरोद किया जा रहा है, जिससे कि और थैले इन पुराने कपड़ों से तैयार किए जा सकें। जिले में सामान खरीदने के लिए पॉलीथिन बैग की जगह थैला साथ लेकर बाजार जाने का पुराना रिवाज़ शुरू हो गया है।

पॉलीब्रिक्स का बेंच बनाकर उपायुक्त कार्यालय के बाहर संदेश देने का किया गया प्रयत्न

लोगों को जागरूक करने के लिए जिला प्रशासन प्रत्येक परिवार को एक-एक थैला बांट रहा है। लगभग 1 लाख परिवारों को जिले में यह थैले Allotted किए जाएंगे। लोगों को प्लास्टिक के सदुपयोग के तरीके भी प्लास्टिक की पैकिंग में आने वाले सामान के उपयोग के बाद बताए जा रहे हैं। इस सब में बोतलों में प्लास्टिक के रैपर को भरकर पॉलीब्रिक्स बनाना आदि शामिल हैं। पॉलीब्रिक्स का बेंच बनाकर उपायुक्त कार्यालय के बाहर इसका संदेश देने का प्रयत्न किया गया है।

Dr. RK Paruthi, Deputy Commissioner : सभी एसडीएम की बैठक बुलाकर अभियान को और गति देने के लिए विशेष प्लान तैयार किया जाएगा

जिले को प्लास्टिक से मुक्त बनाने के लिए विशेष अभियान जिला प्रशासन द्वारा चलाया गया है। इसके लिए लोगों में जागरूकता लाना बहुत जरूरी है। कपड़े के थैले बांटने का अभियान संगड़ाह ब्लॉक से छेड़ा गया है। यहां पर केवल 15 हजार परिवार हैं। इनमें से 10 हजार परिवारों को थैले बांटे गए हैं। सभी एसडीएम की बैठक बुलाकर एक या दो दिन में जिले में अभियान को और गति देने के लिए विशेष प्लान तैयार किया जाएगा। -Dr. RK Paruthi, Deputy Commissioner