पालमपुर चाय का बगीचा, Palampur Tea Garden in Hindi

हिमाचल प्रदेश के काँगड़ा जिले में स्तिथ यह एक लोकप्रिय पर्टयक स्थानों में से एक है। पालमपुर गुमने आये सैलानियों का यह पसदींदा स्थान है। पालमपुर घाटी में यह स्थान मनोरम वादियों में बसा एक छोटा सा पर्वतीय स्थान है। पालमपुर की यात्रा करने वाले पर्यटकों के लिये चाय के बागान एक प्रमुख आकर्षित स्थान है। पालमपुर शहर के विशाल चाय बागानों के कारण पालमपुर उत्तर पश्चिमी भारत की चाय राजधानी के रूप में जाना जाता है। यह स्थान बहुत ही खूबसूरत स्थान है। यहां का प्राकृतिक सौंदर्य सैलानियों को बहुत मनमोहित करता है।

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हरे भरे बगीचों का अद्भुत दृश्य, Wonderful view of lush green gardens

पालमपुर पूरे देश में हरे-भरे चाय के बागानों के लिए प्रसिद्ध है। जहा हर साल बहुत से सैलानी गुमने के लिये आते है। यहां के बागानों की दिव्या सुगंध आपको स्वर्ग में होने का एहसास कराती है। आप यहां आकर अपने आप को एक अलग ही दुनिया में पायंगे। इस लोकप्रिय स्थान में 19 वीं शताब्दी में चाय बागानों की अवधारणा शुरू की गई थी। तब से यह स्थान अपनी विशेष चाय के लिए काफी प्रसिद्ध हो गया है। काँगड़ा में स्तिथ यह स्थान लोकप्रिय पर्टयक स्थानों में से एक बन गया है।

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यहां की चाय में इतनी शुद्धता है की इस स्थान में जो चाय का निर्माण किया जाता है। उसका लगभग 90% भाग देश के बाहर निर्यात किया जाता है। सैलानी यहां के वातावरण को बेहद पसंद करते है। यह स्थान है ही कुछ ऐसा की यदि आप भी यहां आओगे तो यहां के सौंदर्य को देख कर आप का मन भी यहां की हरे भरे बगीचों में उछलने कूदने को करेगा। पर्यटक यहां आकर हरे भरे चाय के बागानों के लुहावने दृश्य देख सकते हैं। और फोटोग्राफी भी कर सकते है। कांगड़ा की चाय का एक कप आपके स्वाद लिए बेहद खास साबित हो सकता है।

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यहां आने का सही समय और दुरी, Right time to come here and distance

यह स्थान काँगड़ा बस स्टैंड से 36 किलोमीटर की दुरी पर स्तिथ है। और यदि आप धर्मशाला से यहां आ रहे हो तो आप की दुरी 33 किलोमीटर की होगी। आप लोकल टैक्सी या बस से यहां पहुंच सकते हो। यह लोकप्रिय पर्टयक स्थान साल में 12 महीने खुला रहता है। आप कभी भी यहां के खूबसूरत चाय के बागानों की सैर के सकते है।