एक धार्मिक स्थान रेवाल्सर झील, जहां होती है तीन धर्मो की पूजा “हिंदू, सिख और बौद्ध”, Rewalsar Lake Mandi in Hindi

रेवाल्सर झील हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में स्तिथ यह एक बहुत ही धार्मिक और पूजनीय स्थान है। इस स्थान में हिंदू धर्म सिख धर्म और बौद्ध धर्म तीनो धर्मो के लोग पूजा करते है। जहां आज लोग धर्म के नाम पे मार काट कर रहे है। दूसरी और यह मंदिर सभी को एकजुट होने का प्रमाण दे रहा है। इसे बजह से जहर साल बहुत से श्रदालु यहां दर्शन के लिए आते है। इस झील का नजारा गर्मियों के समय बहुत ही अद्भुत और सौंदर्य से भरपूर है। जैसे ही सुबह की सूरज की किरणे इस झील पर पड़ती है। ऐसा लगता है। जैसे मानो झील में कोई हीरा चमक रहा हो।

तिब्बती धर्म के अनुसार, According to Tibetan religion

हिमाचल में स्तिथ रेवाल्सर झील की ऊंचाई समुंद्रतल से लगभग 1,360 मीटर है। यह प्रकृति के सौंदर्य से भरी झील मंडी शहर से 23 किलोमीटर की दुरी पर स्तिथ है। इस झील को हिमाचल प्रदेश में स्तिथ सबसे पवित्र झीलों में से एक के रूप में माना जाता है। तिब्बती धर्म और लोगो के अनुसार इस झील का नाम कमल झील त्सो-पेमा हैं। वो इस धार्मिक स्थान को त्सो-पेमा नाम से पुकारते है।

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार मंडी के राजा ने गुरु पद्मसंभव को मारने की कोशिश की थी। जब उन्हें इस बात की जानकारी मिली कि उनकी बेटी मंदारवा उनके साथ भाग रही है। उस समय राजा ने आग में मरने के लिए उन्हें शाप दिया ताकि उनके प्यार को बर्बाद किया जा सके। इस स्थान में ऋषि लोमस ने भगवान शिव की भक्ति में तपस्या की थी।

पद्मसंभव से संबंदित धार्मिक स्थान, Religious places related to Padmasambhava

पद्मसंभव ने अपनी अलौकिक शक्तियों का उपयोग करके अंतिम संस्कार की चिता को तिल के तेल की झील में बदल दिया। जो पहले आग की अंगूठी से घिरी हुई थी। झील में लगी आग के बीच में एक विशाल कमल का फूल खिल गया जिस पर गुरु पद्मसंभव को इंद्रधनुष और बादलों ने घेरा हुआ था। और उन्हें आग की लपेटो से सुरक्षित रखा था।

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यहां के निवासियों की मान्यताओं के अनुसार गुरु पद्मसंभव गुरु “रिनपोचे” की आत्मा नदी में बहने वाली एक छोटी ईख के रूप में इस झील में निवास करती है। इस झील को देखने के लिए पद्मसंभव की 12 मीटर ऊंची प्रतिमा स्थापित की गयी है। यह प्रतिमा यहां के मुख्य आकर्षण का एक खूबसूरत केंद्र है।

हिन्दू धर्म से संबंदित धार्मिक स्थान, Religious places related to Hinduism

इस धार्मिक झील के किनारे तीन धर्मो के मंदिर स्तिथ है। जो भगवान श्री कृष्ण, भगवान श्री शिव और ऋषि लोमस को समर्पित हैं। इस पवित्र झील के किनारे दरिकुञ्ज कग्यू गोम्पा के लिए एक घर है जो बौद्ध अध्ययन के लिए एक अकादमी है। यहां सक्यमुनि की एक प्रतिमा भी स्थापित है।

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इस धार्मिक स्थान का महाभारत में भी वर्णन मिलता है। पौराणिक कथा के अनुसार यह मोम के जलते हुए महल से ‘पांडवों’ के भागने से जुड़ा हुआ स्थान है। इस स्थान में फरवरी के अंत और मार्च की शुरुआत में आयोजित सिसु मेला और बैसाखी का त्यौहार रेवाल्सर में महत्वपूर्ण कार्यक्रम हैं। जिसको देखने देश विदेश से लोग आते है। यह स्थान एक बहुत ही लोकप्रिय पर्टयक स्थानो में से एक है।

सिख धर्म के अनुसार, According to sikhism

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यह धार्मिक स्थान सिख धर्म के लिए भी एक पूजनीय धार्मिक स्थान है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार यहां सिख धर्म के दसवें गुरु, गुरु गोविंद सिंह ने 16 और 17 सदी के बिच में रेवलसर झील की यात्रा की थी। 22 दिसंबर 1666 से लेकर 7 अक्टूबर 1708 सिख धर्म के दसवें गुरु ने एक महीने के लिए यहां निवास किया था। और इस स्थान में ध्यान लगाया था। गुरु गोविंद सिंह जी की याद में यहां एक गुरुद्वारा स्थापित किया गया है। गुरु गोविंद सिंह को समर्पित यह गुरुद्वारा 1930 में बनाया गया था।

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आस पास का वातावरण, Surrounding environment

इस झील के आसा पास का दृश्य बहुत ही सुहावना और प्रकृति के सौंदर्य से भरपूर है। यदि आप भी कभी हिमाचल आने का प्लान बना रहे है तो इस स्थान में आना न भूले। यह स्थान बेहद शांत और सुखद है। यहां आकर आप के मन को बेहद शांति प्राप्त होगी और आप अपनी सभी परेशानियों से मुक्त हो जायँगे। यहां का सौंदर्य है ही कुछ ऐसा की आप अपने आप को यहां समय व्यतीत करने से नहीं रोक पायंगे।