ऊना जिले में स्तिथ “बाबा गरीब नाथ मंदिर” यह धार्मिक मंदिर रहता है ज्यादा तर पानी के अंदर, Situated “Baba Garib Nath temple” in Una district

यह हिमाचल प्रदेश में स्तिथ ऐतिहासिक और प्राचीन मंदिरो में से एक है, हिमाचल को देवभूमि के नाम से जाना जाता है। यहां बहुत से धार्मिक स्थान है, जहां हर साल बहुत से श्रदालु दर्शन के लिए आते है। हिमाचल में बभूत से देवी-देवताओं का निवास स्थान है। ऐसी पावन धरती पर जन्म लेना और यहां जीने का अवसर मिलना बहुत ही सौभाग्य की बात है।

picture_saved(29)

हम आप को एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे है। जो चारो तरफ से पानी से घिरा हुआ है, जी है इस स्थान का नाम बाबा गरीब नाथ मंदिर है। यह मंदिर हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना में गांव रायपुर के पास स्तिथ है। यह मंदिर गोबिंद सागर झील में पड़ता है, इस मंदिर के चारों तरफ प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर पहाडि़यों स्तिथ है। जो यहां आये श्रदालु को बेहद आकर्षित करता है।

चारो तरफ से पानी से घिरा हुआ यह धार्मिक तीर्थस्थल, This religious shrine surrounded by water from all sides

ऊना जिले स्तिथ यह पवित्र मंदिर साल के लगभग चार महीने पानी के बीच रहता है। इसी दौरान बहुत से सैलानी इस मंदिर को देखने के लिए देश के हर कौने से आते है। इस दौरान यहां का दृश्य बहुत ही मनमोहक और रोमांचित होता है। हर बार बरसात के मौसम में बाबा गरीब नाथ मंदिर चारों तरफ से झील के पानी में घिर जाता है, और उस दौरान यहां पर कश्ती के सहारे पहुंचा जाता है। 2 से 3 महीने तक इस मंदिर की एक मंजिल झील के पानी में डूब जाती है।

picture_saved(30)

इसके बावजूद श्रदालुओ की अटूट श्रद्धा और विश्वास उन्हे यहां खिंच लाता है। वहीं बरसात के दिनों में चारों तरफ से मंदिर को पानी में घिरा देखकर दूर-दूर से पर्यटक यहां पहुंचते हैं। पौराणिक मान्यता के अनुसार यह मंदिर तकरीबन 500 साल पुराना है। मान्यताओं के अनुसार इस धार्मिक मंदिर का निर्माण एक संत ने करवाया था। कहा जाता है की उस संत के पास जादू की एक छड़ी थी।

भगवान शिव एक एक भव्य प्रतिमा स्तिथ है इस मंदिर में, Lord Shiva is a magnificent statue in this temple.

इस मंदिर में शिवजी की भी एक बहुत ही सुंदर प्रतिमा है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार जब ऋषि व्यास के पुत्र शुकदेव का जन्म हुआ था। तब उस समय 84 सिद्धों ने भी विभिन्न स्थानों पर जन्म लिया। उन्ही में से एक है यह सिद्ध बाबा गरीब नाथ जी, बाबा गरीब नाथ दत्तात्रेय के शिष्य थे। सिद्धबाबा गरीब नाथ जी को विभिन्न राज्यों में विभिन्न नामों से जाना जाता है। कहा जाता है की इस स्थान में लगभग 500 वर्ष पूर्व यहां के स्थानीय निवासियों को झडि़यों में एक ज्योति जलती दिखी, जब लोगो ने यहां आकर देखा तो अमरताश पेड़ के नीचे सिद्ध बाबा गरीब नाथ भक्ति में लीन थे।

picture_saved(31)

श्रदालुओ की होती है मनोकामनाएं पूरी, Wishes of devotees are fulfilled

तभी से इस स्थान बहुत लोकप्रिय और प्रसिद्ध हो गया, कहा जाता है की जो भी श्रदालु यहां सच्चे मन से ध्यान लगता है, उस की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है, हर साल भारी मात्रा में पर्टयक इस धार्मिक और खूबसूरत मंदिर को देखने के लिए आते है। शिव भगतो के लिए यह एक पसदींदा स्थान है। यदि आप भी कभी ऊना जिले की सैर के लिए आओ तो इस स्थान में जाना ना भूले यह स्थान आप को बेहद शांति प्रदान करेगा।

picture_saved(32)

Related Posts