खूबसूरत और अद्भुत चूडधार पर्वतमाला एक लोकप्रिय पर्टयक स्थान, The beautiful and amazing Chudhar Range

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हिमाचल प्रदेश में बहुत सी पर्वत मालाये स्तिथ है। जो बेहद आकर्षित और खूबसूरत है, जो यहां गुमने आये सैलानियों को बेहद रोमांचित करती है, चूडधार पर्वतमाला शिवालिक पर्वतमाला की सबसे ऊंची चोटी है। चूड़धार को चुरीचंदनी को बर्फ की चूड़ी के रूप में जाना जाता है। यह पर्वत माला सिरमौर में शिवालिक पर्वतमाला में से एक मनोरम दृश्यों और प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर वाली चोटी है। इस चूडधार पर्वत की ऊंचाई 11982 फुट है, जो हिमाचल प्रदेश में सबसे ऊंची चोटी है, इस शिखर के क्षेत्र में ज्यादा तर बर्फ पड़ी रहती है। इसी के साथ धार्मिक स्थल श्री बद्रीनाथ और श्री केदारनाथ के शिखर भी शामिल है।

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रामयण काल से संबंदित यह घाटी, This valley belonging to the Ramayana period

पौराणिक मान्यताओ के अनुसार यह वही जगह है, जहां हनुमान ने रामयण के दौरान जीवन-पुनर्स्थापना की संजीवनी बूटी की खोज की थी। जिसने भगवान राम के भाई लक्ष्मण को पुनः जीवित किया गया था। इस स्थान के प्राचीन शहर के अवशेष निकटतम एक धार्मिक स्थान डून्डी देवी मंदिर में पाए गए हैं। इस पर्वत माला में जड़ी-बूटियों और सुंदर अल्पाइन वनस्पतियों का अपार भंडार इस हिमालय को समृद्ध करता है। यहां एक बहुत ही खूबसूरत वन्यजीव अभ्यारण्य भी स्तिथ है, जहां से गुजरते हुए हिमाचल प्रदेश के राज्य पक्षी मोनल, कोक्लस, कालीज और तीतर के बहुत से आकर्षित और अद्भुत दृश्य देखने के लिए मिलते है। इस पर्वतमाला में हिमालयी काले भालू भी पाए जाते है।

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चूडधार घाटी में स्तिथ बहुत से धार्मिक स्थल, Many religious places located in the Chudhar Valley

शिखर पर चलने वाले ट्रेकर्स और सैलानी यहां छोटे ग्लेशियरों से गुजरते हुए बहुत से प्राकृतिक सौंदर्य को निहार सकते है। हैं, यहां भारी मात्रा में बर्फबारी होती है, जो 33 फीट बर्फ की औसत युक्त है। अक्सर यहां स्तिथ शिरगुल मंदिर भी बर्फ के नीचे लुप्त हो जाता है। मान्यता के अनुसार चूडधार शिखर के ऊपर शिव और काली का वरदान हैं, इस धार्मिक स्थान में श्रद्धालुओं दुआर बकरी और भेड़ों की बलि दी जाती है। यहां आये श्रदालु मंदिर में झंडे लगाकर, यहां प्रसाद भी चढ़ाते हैं। जो आस्था का प्रतीक माना जाता है।

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लगभग 7 महीने तक बर्फ से ढकी रहती है यह घाटी, This valley remains covered with snow for about 7 months

चूड़धार नाम से विश्व विख्यात इस चोटी पर बहुत से धार्मिक तीर्थस्थान है, यहां स्तिथ भगवान शिव के दर्शन के लिए हर साल बहुत से श्रदालु यहां आते है। श्रदालु यहां खूबसूरत वादियों से होकर प्राकृतक दृश्यों को देकते हुए यहां पहुंचते है। चूड़धार घाटी लगभग 7 महीने तक बर्फ से घिरी रहती है। यह स्थान बेहद ठंडा रहता है।