ऊना जिले में स्तिथ “धौम्येश्वर महादेव मंदिर” जहां शिव भगवान है, शिवलिंग के रूप में विराजमान, The “Dhaumeshwar Mahadev Temple” in Una district

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हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के तलमेहड़ा में स्तिथ धौम्येश्वर शिव मंदिर एक बहुत ही लोकप्रिय धार्मिक स्थान है। हिमाचल प्रदेश में भगवान शिव के अनेको मंदिर है, उन्ही में से यह एक प्रसिद्ध मंदिर है। पौराणिक कथाओं के अनुसार धौम्येश्वर शिव मंदिर को लेकर यह मान्यता है, की यहां पांडवों के पुरोहित धौम्य ऋषि ने इसी स्थान पर भगवान शिव की आराधना की थी। यह मंदिर धार्मिक होने के साथ-साथ काफी ऐतिहासिक भी है। मान्यता है की यह मंदिर करीब 5500 वर्ष पहले महाभारत काल में पांडवों के पुरोहित धौम्य ऋषि ने तीर्थ यात्रा करते हुए इसी ध्यूंसर नामक पर्वत पर शिव की तपस्या की थी।

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पौराणिक कथा के अनुसार, according to legend

भगवान शिव ने प्रसन्न होकर ऋषि को दर्शन दिए थे। और ऋषि से वर मांगने को कहा, इस पर ऋषि ने वर मांगा कि जो भी भक्त इस मंदिर में आकर सच्चे मन से धौम्येश्वर शिव की पूजा करेगा उसकी हर मनोकामनाएं पूरी हों। भगवान ने तपस्या से प्रसन्न होकर धौम्य ऋषि द्वारा स्थापित शिव लिंग की सच्चे मन से पूजा अर्चना करने वालों की सभी मनोकामनाएं पूरी करने का वरदान दे दिया। उसी के दौरान यहां बहुत बड़ी मात्रा में श्रदालु आने लगे। इसके बाद से जो भी श्रद्धालु इस मंदिर में सच्चे मन से मन्नत मांगता है, तो उस भक्त की सभी मुरादे पूर्ण होती है।

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श्रदालुओ को बेहद शांति प्रदान करता है, Provides great peace to Sradaluo

इस मंदिर के चारों ओर घने जंगल है, जो यहां आये श्रदालुओ को बेहद शांति प्रदान करता है। मंदिर से न केवल जिला का ही नजारा दिखता है बल्कि धौलाधार की खूबसूरत पहाडिय़ां भी दिखाई देती है। यह धौम्येश्वर मंदिर प्रबंधन में जुटी ट्रस्ट द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के साथ-साथ गरीब और असहाय लोगों की भी मदद भी की जा रही है।

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मंदिर ट्रस्ट द्वारा दी जा रही श्रदालुओ को विभिन्न सुविधाए, Various facilities provided to the devotees by the temple trust

यह मंदिर ऊंचाई पर स्थित है, यहां स्तिथ शिवलिंग के दर्शन करने के लिए दिव्यांगों व वृद्धों को आने वाली परेशानी से मुक्ति दिलाने के लिए लिफ्ट का भी प्रबंध किया गया है। यहां मंदिर ट्रस्ट द्वारा गौशाला का भी संचालन किया जा रहा है, जिसमें 100 के करीब गौवंशों को आश्रय दिया गया है। यदि आप भी ऊना से गुजरे तो इस स्थान में दर्शन करना ना भूले।