“हाटकेश्वरी माता मंदिर” शिमला हिमचाल प्रदेश, “Hatakeshwari Mata Mandi” Shimla

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यह धार्मिक स्थान हिमाचल प्रदेश में स्तिथ एक बहुत ही लोकप्रिय और धार्मिक स्थान है, इस धार्मिक स्थल को “हाटकेश्वरी माता मंदिर” नाम से जाना जाता है, यह परिसर हतकोटी का प्रमुख आकर्षण में से एक है, यह मंदिर हिमाचल प्रदेश में स्तिथ बहुत ही ऐतिहासिक मंदिरो से एक है। इस मंदिर में 6 वीं और 9 वीं शताब्दी ईस्वी से संबंधित स्थापत्य शैली को दर्शाया गया है। इस धार्मिक मंदिर में देवी दुर्गा के रूपों में से एक महिषासुरमर्दिनी की मूर्ति स्तिथ है।

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यहां स्तिथ मूर्ति कांस्य से बनी है, इस मंदिर में स्तिथ मूर्ति की आठ भुजाएँ हैं और वह एक शेर पर बैठा है, जो यहां आये श्रदालुओ को अपनी ओर आकर्षित करता है। इस मंदिर परिसर में एक मुख्य मंदिर दुर्गा को समर्पित है और एक छोटा मंदिर है जो भगवान शिव को समर्पित है।

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विभिन्न रूपों में की जाती है माँ दुर्गा की पूजा, Goddess Durga is worshiped in various forms

हिमाचल में स्तिथ हाटकेश्वरी माता मंदिर परिसर में अश्विन नवरात्र और चैत्र नवरात्र के दौरान भारी मात्रा में तीर्थयात्रियों की भीड़ लगी रहती है। श्रदालु विभिन्न रूपों में दुर्गा की मूर्ति की पूजा करते हैं, इस मंदिर में बलि प्रथा भी लोकप्रिय है, यहां बकरी या भेड़ की बलि दी जाती हैं और फूल, हलवा, अखरोट और चावल को मंदिर में चढ़ाते हैं। यहां भगवान शिव को समर्पित एक और प्रसिद्ध मंदिर भी स्तिथ है। परिसर के प्रवेश द्वार पर स्थित शिवलिंग गर्भगृह के अंदर स्थित शिवलिंग से छोटा है।

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पौराणिक कथा के अनुसार, according to legend

देवी दुर्गा और भगवान शिव के मंदिरों के अलावा, परिसर में अन्न भंडार, धर्मशाला और विश्राम गृह भी स्तिथ हैं, एक पौराणिक मान्यता के अनुसार एक तपस्वी लड़की ने यहां ध्यान करने के बस गई थी और अपने ध्यान की तीव्रता में गायब हो गई। घटनास्थल पर एक पत्थर की मूर्ति मिली।

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तब लड़की को देवी माँ के अवतार के रूप में पहचाना गया और मूर्ति को हाटकेश्वरी के रूप में प्रतिष्ठित किया गया। यह शिमला में स्तिथ एक बहुत ही लोकप्रिय धार्मिक स्थानों में से एक है। यहां आप साल में कभी भी आ सकते है, हर महीने यह धार्मिक स्थान श्रदालुओ के लिए खुला रहता है।