सोलन जिले में स्तिथ ऐतिहासिक “माता काली का टिब्बा मंदिर”, Historical” Mata Kali ka Tibba Temple” in Solan District

picture_saved(4)

हिमाचल प्रदेश को प्राचीन काल से ही देवभूमि के नाम से जाना जाता है। संबोधित किया गया है। हिमाचल को देवी देवताओं का निवास स्थान भी कहा जाता है, महाभारत, पदमपुराण और कनिंघम जैसे ऐतिहासिक धर्म ग्रन्थों में हिमाचल प्रदेश का विवरण मिलता है। एक ऐसा ही एक खूबसूरत धार्मिक स्थान है, सोलन जिले में चायल से लगभग पांच किलोमीटर की दूरी पर पहाड़ियों के बीच बसा हुआ माँ काली का टिब्बा मंदिर। यह मंदिर बहुत ही खूबसूरत और प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर स्थान माना जाता है।

picture_saved(5)

चायल से 4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह मंदिर, This temple located 4 kilometers from Chail

यह अपने नैसर्गिक सौंदर्य के लिए जाना जाता है। इस मंदिर की ऊंचाई समुद्रतल से तकरीबन 2226 मीटर है। इस धार्मिक स्थान गुमने आये पर्टयकों को यहां से बहुत से प्राकृतिक सौंदर्य और मनोरम दृश्य देखने को मिलते है। यह मंदिर चायल से 4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस मंदिर की यह मान्यता है कि यहां देवी के दरबार में जो भी श्रदालु सच्चे और साफ दिल से मन्नत मांगता है वो जरूर पूरी होती है।

picture_saved(6)

काली माता पिण्ड रूप में विराजमान, Kali Mata sits in a corpus form

हिमाचल के इस लोकप्रिय धार्मिक स्थान में खड़े होकर कंडाघाट, सोलन, षिमला और सिरमौर के अद्भुत और खूबसूरत दृश्य देखने को मिलते है। इस स्थान पर पांच मंदिर हैं, जिसमें से माँ काली का मंदिर प्रमुख माना जाता है। इस मंदिर का निर्माण 2002 में किया गया था। इससे पहले माँ काली माता पिण्ड रूप में विराजमान थीं, जोकि आज भी इस मंदिर में स्थित है।

picture_saved(7)

भगवान् शिव के पाषाण धातु के शिवलिंग, Stone metal lingam of Lord Shiva

यहां पंचमुखी हनुमान मंदिर, गणेष प्रतिमा व शिव भगवान के मंदिर भी हैं। यहां स्तिथ लोकप्रिय शिव मंदिरो में अलग-अलग पाषाण और धातु के शिवलिंग हैं। इस मंदिर के चारों ओर हरियाली और शान्त वातावरण पाया जाता है,इस स्थान में आकर आप के मन को बेहद शांति प्राप्त होगी। इस मंदिर में सफेद संगमरमर का इस्तेमाल हुआ है। जो बेहद आकर्षित है।

picture_saved(8)

शिवालिक पहाडि़यों और चूर चांदनी पीक से घिरा हुआ यह स्थल, This place surrounded by Shivalik Hills and Chur Chandni Peak

माँ काली के इस मंदिर तक जाने के लिए सड़क मार्ग उपलब्ध है, जहा पर्टयक छोटी गाडि़यां द्वारा पहुंच सकते है। श्रदालु यहां दर्शन के लिए पैदल भी पहुंच सकते है। शाम के समय सूर्य छिपने के समय यहां का दृश्य और भी ज्यादा सुंदर हो जाता है। यह स्थान शिवालिक पहाडि़यों और चूर चांदनी पीक से घिरा हुआ है।

picture_saved(9)