“जालोरी दर्रा ट्रेक” हिमाचल प्रदेश में स्तिथ एक बहुत ही लोकप्रिय और खूबसूरत पर्टयन स्थान है, Jalori Pass Himachal Pradesh

यह लोकप्रिय जालोरी पास ट्रेक हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से लगभग 100 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, जहां हर साल बहुत से पर्टयक हर साल गुमने और ट्रेक करने के लिए आते है, यह ट्रेक जल मार्ग में प्रकृति के रास्ते से होते हुए, यहां आये सैलानी जलोरी के ढालों में पाए जाने वाले वन्यजीवों की प्रचुर प्रजातियों को देख सकते है। इसके अलावा जंगलों में घिरे बसे इस क्षेत्र की अनूठी ग्रामीण संस्कृति का पता लगाते हैं। सैलानी यहां तीर्थन नदी में ट्राउट मछली पकड़ने से लेकर ट्रेक करने का आनंद ले सकते है।

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जालोरी माता का मंदिर भी स्तिथ हैं इस ट्रेक में, The temple of Jalori Mata is also located in this trek

इस ट्रेक में बहुत से कई धार्मिक मंदिर भी स्तिथ है, जैसे जालोरी पास में जालोरी माता का मंदिर सेरोलसर झील में बुरि नागन का मंदिर, श्योन्जा का स्थानीय देवता ब्रह्मरन्दिरी, लांबरी में महाकाली मंदिर, और चेइन में श्रीगंगादर्शीज ये मंदिर धार्मिक पौराणिक कथाओ के साथ-साथ इस ट्रेक को आदर्श बनाते हैं। यह ट्रेक बेहद रोमांचित ट्रेको में से एक है, इस ट्रेक का शांत वातावरण और अद्भुत प्राकृतिक सौंदर्य इस स्थान की खूबसूरती में चार चाँद लगा देती है।

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कुल्लू और शिमला के प्रमुख शहरों के बीच स्थित, Situated between the major cities of Kullu and Shimla

यह ट्रेक उत्तरी हिमालय की चोटियों में स्थित जालोरी पर्वत दर्रा हिमाचल के कुल्लू और शिमला के प्रमुख शहरों के बीच स्थित एक अनदेखा सौंदर्य है। यह वही ट्रेक है, जिसे प्रसिद्ध बॉलीवुड फिल्म “ये जवानी है दीवानी” में बर्फ से ढके शिखर के रूप में बेहतर पहचाना जाएगा, इस अनोखे ट्रेक के बहुत से दृश्य इस फिल्लम में देखे जा सकते है, इस फिल्लम में अभिनेता रणबीर कपूर और दीपिका पादुकोण को पर्वतारोहण के माध्यम से ट्रेकिंग करते देखा जाता है।

प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर स्थान, A place full of natural beauty

यह लोकप्रिय मार्ग सरोलेसर झील और ‘बूढ़ी नागिन’ मंदिर की ओर से जाता है, यह ट्रेक प्रकृति के कट्टरपंथियों और धार्मिक भक्तों के लिए एक पलायन भी प्रस्तुत करता है। इस ट्रेक की ऊंचाई समुद्रतल से लगभग 10,800 फीट है। यह ट्रेक खूबसूरत पर्वत दर्रे से होकर जाने वाला मार्ग पर्यटकों के आकर्षण के रूप में अपेक्षाकृत अछूता है। दर्रा शोजा के पड़ाव से मात्र 5 किलोमीटर की दूरी पर है, यहां का मार्ग असमान और गड्ढों से भरा नहीं है, जो यहां एक ऊबड़ सवारी बनाता है। सर्दियों के दौरान ठंढ के कारण वाहनों के फिसलने का खतरा होता है, यहां भरी मात्रा में बर्फबारी होती है। जो इस स्थान को बहुत ही आकर्षित करता है।

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जालोरी दर्रा ट्रेक आने का सही समय और दुरी, Right time to visit the Jalori pass trek

“जालोरी दर्रा ट्रेक” यह बड़े शंकुधारी जंगलों के बीच एक मध्यम स्तर का ट्रेक है, यहां हर साल बहुत यह मध्य जून से लेकर मध्य अक्टूबर के मौसम के बीच के समय में यहां की यात्रा के लिए आते है। गर्मियों का समय सैलानियों के सही समय है, सर्दियों के समय भारी बर्फबारी के कारण दिसंबर से जनवरी के सर्दियों के महीनों के दौरान यह ट्रेक बंद रहता है। इस ट्रेक की दुरी और समय 10 से 12 दिन लगते है। जो सैलानीयो को अत्यधिक उत्साह, रोमांच और संतुष्टि प्रदान करता है। यदि आप इस ट्रेक में आने का प्लान कलर रहे है, तो आप के लिए यह स्थान एक बहुत ही सही स्थान है।

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