काँगड़ा जिले की “महाराणा प्रताप सागर झील”, “Maharana Pratap Sagar Lake or Pong Dam” – Kangra district of Himachal Pradesh

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महाराणा प्रताप सागर झील हिमाचल प्रदेश के काँगड़ा जिले में स्तिथ एक मानव निर्मित झील है, जो एक बहुत प्रसिद्ध और लोकप्रिय पर्टयक स्थान है, यहां गुमने आये सैयलनियो को प्रकृति के बहुत से अद्भुत और बेहद खूबसूरत दृश्य देकने को मिलते है। पर्टयक यहां बहुत से साहसी खेलो का भी आनंद ले सकते है। आप इस झील में तैराकी, जल-स्कीइंग, कैनोइंग या नौकायन जैसी कई गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं। इस झील को हिमाचल के सबसे अच्छे और लोकप्रिय पर्टयक स्थानों में से एक माना जाता है।

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पोंग डैम नाम से प्रसिद्ध यह स्थान, This place famous as Pong Dam

भारत के राज्य हिमाचल प्रदेश में स्तिथ महाराणा प्रताप सागर को पोंग जलाशय अथवा पोंग डैम झील के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है की इस झील को 1975 में बनाया गया था। यह झील हिमाचल के कांगड़ा क्षेत्र के सिवालिक पहाड़ियों क्षेत्र में ब्यास नदी पर भारत में सबसे ऊंचा भूस्खलन बांध का निर्माण करता है। प्रदेश। यह जलाशय 24,529 हेक्टेयर के क्षेत्र को कवर करता है। पोंग जलाशय और गोबिंदसागर जलाशय हिमाचल प्रदेश के हिमालयी निचले क्षेत्रों में दो सबसे आवश्यक कोण हैं। ये भंडार हिमालयी राज्यों के अंदर मछली के मुख्य कुएं हैं।

पक्षी अभयारण्य के रूप में घोषित, Declared as a bird sanctuary

महाराणा प्रताप सागर जलाशय को 1983 में एक पक्षी अभयारण्य के रूप में घोषित किया गया था। इस लोकप्रिय झील को पक्षी अभयारण्य के प्रबंधन के लिए बफर ज़ोन घोषित किया गया है। इस झील की जल-विविधता के कारण इस झील को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय, अभयारण्य का महत्व मिला है, इस झील में विशेषकर नवंबर से मार्च की सर्दियों की अवधि के दौरान पक्षियों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है।

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यहां पक्षियों की बहुत सी प्रजातियां पाई जाती, Many species of birds are found here

इस झील में पक्षियों की बहुत सी प्रजातियां पाई जाती है। यहां स्तिथ मुख्य पक्षियों की प्रजातियों में आम टीले, स्पॉट-बिल्ड बतख, यूरेशियन कूट, लाल गर्दन वाले ग्रीबे, बरगद की कलहंस, एंसर इंडिकस, उत्तरी लैपविंग, रडी शेल्डक, उत्तरी पिंटेल, काले सिर वाले गुल्ले, प्लोवर, ब्लैक स्टॉर्क, टर्न, हैं। जो इस झील में पाई जाती है।

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इको-पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए किये जा रहे बहुत से प्रयास, Many efforts are being made to encourage eco-tourism

इस लोकप्रिय जलाशय के नीचे के क्षेत्रों में स्थानीय लोगो द्वारा सर्दियों के दौरान खेती की जाती हैं, बार-हेडेड गीज़ और रूडी शेल्डक फ़ीड। सर्दियों के मौसम में इस पक्षी विहार में बहुत से पर्टयक गुमने के लिए आते है, और उनमें से अधिकांश पहली बार प्रवासी पक्षियों को देखने आते हैं। इस जलाशय में अधिक पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए इको-पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए बहुत से प्रयास किए जा रहे हैं। जिस से यहां सैलानियों की मात्रा में बढ़ोतरी हो।