हिमाचल के सभी मेडिकल कॉलेजों में Patients को MRI and CT Scan machine की दी जाएगी सुविधा

हिमाचल प्रदेश के सभी 6 मेडिकल कॉलेजों में Patients को एमआरआई एवं सीटी स्कैन की सुविधा दी जाएगी। इन कॉलेजों में सरकार पीपीपी मोड या फिर खुद अपने ही स्तर पर मशीनें स्थापित करेगी। अभी तक यह सेवाएं इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध हैं। अब यह सुविधा नाहन, मंडी, चंबा एवं हमीरपुर कॉलेज में भी Patients को दी जाएगी। इस सुविधा से आईजीएमसी और टांडा मेडिकल कॉलेज के Patients का भार कम होगा।

मरीजों को 2-2 माह की दी जा रही तारीखें

सरकार का यह मानना है कि एमआरआई एवं सीटी स्कैन हादसे या फिर अन्य गंभीर रोग से ग्रस्त Patients के करवाए जाते है। मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण दोनों मेडिकल कॉलेजों की दोनों मशीनों पर भार बढ़ रहा है। मरीजों को 2-2 माह की तारीखें दी जा रही हैं।

टेस्ट के रेट सरकार के द्वारा ही किए जाएगें निर्धारित

सभी मेडिकल कॉलेजों में इस सुविधा के होने से मरीज नजदीक के मेडिकल कॉलेज में भी यह सुविधा ले सकेंगे। स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार ने बताया कि यदि पीपीपी मोड पर भी मशीनें लगाई जाती हैं, तो वह अपनी मर्जी से मरीजों के द्वारा पैसे वसूल नहीं कर सकेंगे। सरकार स्वयं एमआरआई एवं सीटी स्कैन करवाने का रेट निर्धारित करेगी। हॉस्पिटल में वेशक टेस्ट लैब खोली गई हैं, परन्तु टेस्ट के रेट सरकार के द्वारा ही निर्धारित किए हैं।

1 जनवरी से हिमकेयर योजना के द्वारा बनाए जा रहे स्वास्थ्य कार्ड, कार्ड बनाए जाएगें 31 मार्च तक

स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार ने कहा कि हिमाचल में 1 जनवरी से हिमकेयर योजना के द्वारा स्वास्थ्य कार्ड बन रहे हैं। यह कार्ड 31 मार्च तक बनाए जाएगें। इसमें स्वास्थ्य कार्ड को भी फिर से न्यू किया जाएगा। लोकमित्र केंद्र एवं हॉस्पिटल में भी यह सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। इसके अतिरिक्त शहरों एवं पंचायतों में भी इस अभियान को चलाया गया है।