लाहौल और स्पीति क्षेत्र में स्तिथ “पारंग-ला पास ट्रेक”, “Parang-La Pass Trek” a popular tourist spot in Lahaul and Spiti region

पारंग-ला पास ट्रेक हिमाचल प्रदेश के लाहौल और स्पीति में एक प्रसिद्ध और लोकप्रिय ट्रेको में से एक है। यह स्थान गुमने और समय व्यतीत करने के लिए एक बहुत ही अच्छा स्थान है, यदि आप को पहाड़ो की यात्रा करना पसंद है, और आप प्रकृति प्रेमी हो तो आप के लिए यह ट्रेक एक आदर्श स्थान है।

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पारंग-ला पास ट्रेक की ऊंचाई समुंद्रतल से लगभग 18290 फीट ऊंचा पहाड़ी दर्रा है। यह ट्रेक लद्दाख के प्रवेश द्वार के रूप में कार्य करता है। यह ट्रेक हिमाचल प्रदेश में सबसे प्रसिद्ध ट्रेको में से एक है। यह ट्रेक कठिन इलाके और लाहौल और स्पीति के उच्च ऊंचाई और लद्दाख के गर्म रेगिस्तान के क्षेत्रों के कारण यह एक भीषण मामला है।

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(बोंग्रोजेन)-दो खूबसूरत पहाड़ों के तल पर स्थित एक खूबसूरत स्थान, (Bongrogen) – a beautiful place at the bottom of two beautiful mountains

परंग-ला की ट्रेकिंग उपक्रम काजी गांव से शुरू हो जाता है, जो हिमाचल प्रदेश के स्पीति नदी की घाटी में स्थित है। सैलानी किब्बर के माध्यम से यहां पहुंच सकते है। यहां बहुत से लोकप्रिय पर्टयक स्थान है, जो बेहद रोमांचित और लोकप्रिय है, सैलानी यहां बौद्ध धर्म से समबन्दित बहुत से रमणीय स्थानों में भ्रमण कर सकते है। पर्टयक यहां कैम्पिंग का भी आनंद ले सकते है। एक टेंट में रात बिताने के बाद पर्टयक खूबसूरत शिविर ग्राउंड – टटलक मीडो की ओर बढ़ कर अपनी यात्रा को शुरू कर सकते है। अगली सुबह पराग ला तक ट्रेक के लगभग 7 घंटे के लंबे सफर को शुरू करते हुए पर्टयक बोंग्रोजेन तक पहुंच सकते है। यहां एक चट्टानी और थोड़ा ढलान वाला मैदान है। जो दो खूबसूरत पहाड़ों के तल पर स्थित एक बहुत ही लोकप्रिय स्थान है।

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त्सो मोरीरी एक मंत्रमुग्ध अद्भुत ग्लेशियल झील, Tso Moriri an enchanted amazing glacial lake

इस स्थान से पर्टयक परंग-ला शिखर की और अपना ट्रेक शुरू करते है और फिर पर्टयक डाक कर्ज़ोंग के अपेक्षाकृत शिविर के रास्ते को ओर उतरते हैं। इसके बाद आप को डाकांग योंगमा तक पहुँचने के लिए ढलान पर लंबी पैदल यात्रा करनी होती है। डाक कर्ज़ोंग से सैलानी पारंग ला पास ट्रेक को पुनः शुरू कर सकते है।

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यहां से पर्टयक अगली सुबह रचोलमो एन मार्ग की घाटी चुमिक शिल्ड को पार करते है। यात्री यहां रात्रि निवास कर के त्सो मोरीरी एक मंत्रमुग्ध ग्लेशियल झील की ओर निकलते है। खूबसूरत प्राकृतिक सौंदर्य के साथ सैलानी यहां से कोरज़ोक गाँव पहुंचते है, यह एक प्रसिद्ध गांव है, जो बेहद आकर्षित और रमणीय स्थान है।

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पारंग-ला पास ट्रेक आने का सही समय, Best time to visit Parang-La Pass trek

यदि आप इस खूबसूरत ट्रेक की यात्रा के लिए आना चाहते है तो आप के लिए यहां आने का सही समय जून से सितंबर तक का है, इस दौरान आप कभी भी यहां की यात्रा कर सकते है। सैलानीयो के लिए यहां जून की शुरुआत की लंबी बर्फ की चादर और स्नोव्हेस का अनुभव करने के लिए अच्छी है। सैलानी अगस्त और सितंबर महीने में रेगिस्तानी भूरा परिदृश्य और बर्फ से ढकी पर्वत चोटियों के खिलाफ हरे पहाड़ घास के मैदानों का एक सुंदर और बेहद खूबसूरत दृश्यों को देख सकते है।

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