“पार्वती घाटी” हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में स्तिथ लोकप्रिय और प्रसिद्ध पर्टयक स्थल, “Parvati Valley” is a popular and famous Pertek place in Kullu district of Himachal Pradesh

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पार्वती घाटी हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में स्तिथ एक बहुत ही खूबसूरत और धार्मिक घाटी मानी जाती है। यह घाटी पार्वती नदी के संगम के साथ ब्यास नदी के किनारे चलती है, यह घाटी हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में भुंतर शहर से खड़ी-किनारे घाटी के माध्यम से पूर्व की ओर चलती है। इस घाटी में बहुत से लोकप्रिय और प्रसिद्ध धार्मिक स्थान है, उन्ही में से एक है, मणिकरण गुरुद्वारा जो सिख धर्म से संबंदित एक धार्मिक स्थान है, इसी के साथ एक शिव मंदिर भी स्तिथ है, यहां आप प्राकृतिक गर्म पानी के झरने को भी देख सकते है। जो यहां का एक बहुत ही सूंदर दृश्य प्रस्तुत करता है। यह स्थान माँ पार्वती से सबंदित है जिस बजह से इस घाटी का नाम पार्वती घाटी पड़ा।

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इस घाटी के प्रमुख पर्टयन स्थल कसोल, मलाणा गाँव, खीरगंगा, Major tourist sites of this valley are Kasol, Malana Village, Kheerganga

पार्वती घाटी बेहद शांत और एकांत है, इस प्रसिद्ध घाटी में स्तिथ प्रसिद्ध पर्यटक स्थल कसोल, मलाणा गाँव, खीरगंगा, तोश गांव और भी बहुत से लोकप्रिय पर्टयक स्थान स्तिथ है, जिस कारण पुरे साल यहां सैलानियों का आना जाना लगा रहता है। यह घाटी पुलगा नाम के स्थान में खत्म होती है। जहां जलविद्युत बांध पार्वती हाइडल प्रोजेक्ट भी स्तिथ है। यहां बहुत से प्राकृतिक झरने और बहुत सी खूबसूरत जलधराये स्तिथ है। पुलगा से फुटपाथ रुद्र-नाग झरने पर एक मंदिर और छोटे ढाबे पर चढ़ता है।

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रुद्र-नाग जलप्रपात, लोकप्रिय प्राकृतिक झरना, Rudra-nag falls, popular natural spring

रुद्र-नाग जलप्रपात से होते हुए पर्टयक घने देवदार के जंगलों से होते हुए खीरगंगा के आध्यात्मिक स्थल तक पहुंचते है। पौराणिक मान्यता के अनुसार इस स्थान में भगवान शिव ने यहां 3000 वर्षों तक ध्यान लगाया था। खीरगंगा में गर्म झरना हिंदू और सिख तीर्थयात्रियों के साथ-साथ कई अन्य लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण स्थान माना जाता हैं।

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अल्पाइन फूल और चट्टानी बहिर्प्रवाह की विशेषता पाई जाती है, Characterized by alpine flowers and rocky outflows

लोकप्रिय स्थान खीरगंगा से टुंडा भुज गाँव जिसकी ऊंचाई समुद्रतल से (3285 मी) है, यह पार्वती घाटी तक पहाड़ों के माध्यम से एक खड़ी किनारे पर कट जाता है, इस घाटी की कई सहायक नदियाँ मुख्य पार्वती नदी में मिलती हैं। ठाकुर कुआँ गाँव (3560 मी) पर, पार्वती घाटी दिबिबोकरी नल नदी की घाटी से मिलती है। यह पार्वती नदी की एक सहायक नदी है। इस घाटी में प्रचुर मात्रा में अल्पाइन फूल और चट्टानी बहिर्प्रवाह की विशेषता पाई जाती है।

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पांडुपुल गाँव एक लोकप्रिय पर्टयक स्थान, Pandupul village is a popular tourist place

ठाकुर कुआँ गाँव से परे पार्वती घाटी धीरे-धीरे पांडुपुल गाँव तक पहुँचती है, यहां दो प्राकृतिक चट्टान और पुल पार्वती नदी और एक सहायक नदी को पार करते हैं। एक पौराणिक कथा के अनुसार इन पुलों का निर्माण पांडव भाइयों द्वारा किया गया था। यह हिमाचल प्रदेश में स्तिथ बहुत ही लोकप्रिय घाटी है। यदि आप भी कभी कुल्लू की सैर पर आओ तो इस घाटी के दीदार करना ना भूले। यह स्थान आप को बेहद रोमांचित करेगा।