सिरमौर ज़िले की सीमा पर स्तिथ लोकप्रिय “माँ भंगायणी मंदिर”, Popular “Maa Bhangayani Temple” on the border of Sirmaur

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हिमाचल प्रदेश के ज़िला सिरमौर के हरिपुरधार में स्थित मां भगयाणी मन्दिर स्तिथ है। यह धार्मिक मंदिर समुद्रतल से लगभग 8000 फिट की ऊंचाई पर स्तिथ है। यह धार्मिक मन्दिर उतरी भारत का लोकप्रिय और प्रसिद्ध मन्दिर है। यह मन्दिर पिछले कई सालो से श्रद्धालुओं की आस्था का केन्द्र बना हुअ है। वैसे तो हर साल यहां बहुत से भक्तों का आना जाना लगा रहता है। हर साल देश विदेश से यहां श्रध्दालु यहां दर्शन के लिए आते है। परन्तु नवरात्रों और संक्राति के दौरान यहां बहुत से भक्त पूरी श्रद्धा के साथ यहां आते है।

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श्रीगुल महादेव की दिल्ली यात्रा से जुडा हुआ है, यह स्थान, This place is associated with Shrigul Mahadev’s Delhi visit

इस धार्मिक स्थान का पौराणिक इतिहास श्रीगुल महादेव की दिल्ली यात्रा से जुडा हुआ है, उस समय यहां शाशन करने वाले राजा ने उनकी दिव्यशक्तियों के कारण उन को चमडे की बेडियों में बांध कर बन्दी बना लिया था, साथ ही द्वार में कार्यरत माता भगयाणी ने श्रीगुल को यहां से मुक्त करवाने में सहायता की थी। इसी बजह से श्रीगुल ने माता भगयाणी को अपनी बहन बनाया था। माँ भगयाणी को हरिपुरधार में स्थान प्रदान करने के साथ-साथ सर्वशक्तिमान का वरदान दिया। इस मंदिर के साथ बहुत ही आकर्षित और प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर दृश्य देखने को मिलते है।

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सिखों धर्म के लिए बहुत ऐतिहासिक महत्व रखता है यह मंदिर, This temple holds great historical importance for Sikhism

यह धार्मिक मंदिर सिखों के लिए भी बहुत ऐतिहासिक महत्व रखता है। सिखों गुरु गोबिंद सिंह ने यहाँ बहुत सी पहाड़ी रियासतों के राजाओं के साथ युद्ध किया और उन पर विजय प्राप्त की थी। यदि आप यहां दर्शन के लिए आते है|

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तो आप के लिए यहां मन्दिर समिति ने ठहरने का प्रबन्ध भी किया हुआ है। हरिपुरधार में स्तिथ यह धार्मिक मंदिर शिमला से बाई और सोलन के राजगढ से 150 किलोमीटर की दुरी पर स्तिथ है। हरिपुरधार आने के लिए आप देहरादून से भी इस मंदिर की यात्रा कर सकते है।