सिरमौर जिले की पहाड़ियों में स्तिथ “शिरगुल महाराज” जी का धार्मिक मंदिर, Religious temple of Shirgul Maharaj Ji in the hills of Sirmaur district

हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में बहुत से लोकप्रिय धार्मिक और पर्टयक स्थान है, जो बेहद खूबसूरत और आकर्षित स्थान माने जाते है, कुछ ऐसा ही एक धार्मिक स्थान है, सिरमौर की चूड़धार पर्वतमाला पर जो शिरगुल महाराज नाम से जाना जाता है। चूड़धार को श्री शिरगुल महाराज का निवास स्थान माना जाता है। शिरगुल महाराज जी को सिरमौर व चौपाल के देवता के रूप में पूजा जाता है। हर साल बहुत से श्रदालु यहां की यात्रा के लिए आते है।

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भगवान शिव के द्वारा हुआ था एक अद्भुत चमत्कार, An amazing miracle was done by Lord Shiva

पौराणिक मान्यता के अनुसार इस मंदिर के निर्माण के पीछे एक कारण छुपा हुआ है, मान्यता है कि एक चूरू नाम का व्यक्ति शिव भगवान का बहुत बड़ा भक्त था। कहा जाता है की वो पुत्र के साथ इस धार्मिक मंदिर में दर्शन के लिए आया था। उसी दौरान यहां पूजा करते करते अचानक पत्थरो के बीच से एक बहुत बड़ा सांप बाहर निकल आया। सांप ने चूरु और उसके बेटे पर आक्रमण कर दिया। सांप जैसे ही उनकी तरफ दौड़ा। उन्होंने अपने प्राण बचाने के लिए भगवान शिव से प्रार्थना की और भगवान शिव के चमत्कार से एक विशाल पत्थर सांप पर जा गिरा,जिस बजह से उस सांप की वही मृत्यु हो गयी।

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श्रदा और आस्था का केंद्र, Center of faith

जिस बजह से चूरु तथा उसके पुत्र के प्राण बच गए। मान्तया है की उसके बाद से ही इस स्थान का नाम चूड़धार पड़ा और लोगों की श्रद्धा इस मंदिर में और अधिक बढ़ गई, और कुछ समय बाद जब इस बात की जानकारी अन्य लोगो को मिली तब से यहां के लिए धार्मिक यात्राएं शुरू हो गयी। यहां एक बहुत बड़ी चट्टान है जिसे चूरु का पत्थर भी कहा जाता है।

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शिरगुल महाराज आने का सही समय, Best time to visit Shirgul Maharaj

हिमाचल के जिला सिरमौर में स्तिथ इस धार्मिक स्थान की हर साल गर्मियों के दिनों में यात्रा शुरू होती है। बरसात और सर्दियों में यह यात्रा बंद होती है क्युकी इस दौरान भारी वर्षा और बर्फबारी की बजह से यहां के रास्ते बंद हो जाते है, और बर्फबारी की बजह से यह स्थान पूरी से डक्क जाता है। यदि आप यहां आना चाहते है तो आप के लिए सही समय गर्मियों के दौरान का रहेगा।