कुल्लू जिले में स्तिथ “सेरोलसर झील”, “Serolsar Lake” is a popular Tourist place in Himachal Pradesh

Serolsar_Lake(3)

सेरोलसर झील हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में स्तिथ एक बहुत ही लोकप्रिय और प्रसिद्ध झील है। यह झील कुल्लू जिले में बाहरी सेराज घाटी में स्तिथ एक उच्च ऊंचाई वाली झील है। इस झील की ऊंचाई समुद्र तल से लगभग 3,100 मीटर (10,171 फीट) ऊपर है, यह झील घने जंगल और प्राकृतिक सौंदर्य से घिरी हुई है। यह झील जालोरी पास दर्रे से होकर जाती है। यहां के स्थानीय लोग इस झील को बुद्ध नागिन अथवा बूढी नागिन और सांपों की देवी और सभी नाग देवताओं की मां के साथ जोड़ते हैं, यह झील खूबसूरत होने के साथ साथ धार्मिक भी है, जिसे बहुत ही पवित्र माना जाता है। इस झील की एक बहुत ही लोकप्रिय मान्यता है, की इस झील के पानी में में औषधीय गुण पाए जाते है। हैं।

Serolsar_Lake(1)

इस खूबसूरत सेरोलसर झील की दुरी, The distance of this beautiful Serolsar lake

इस झील की दुरी कुल्लू जिले से लगभग 78 किमी की की है, और कुल्लू जिले के साथ लगते जिले मंडी से यह झील 84 किमी की दुरी पर स्तिथ है। इसके साथ ही यहां स्तिथ प्रसिद्ध गांव बंजार से यह स्थान लगभग 25 किमी और शोजा से 10 किमी की दुरी पर स्तिथ है। पर्टयक इस झील को शोजा या जालोरी पास से ट्रेक करते हुए पहुंचते है। इस झील का क्षेत्र अल्पाइन जंगलों की मोटी वनस्पति से घिरा हुआ है। हर साल भारी संख्या में सैलानी यहां गुमने और समय व्यतीत करने के लिए आते है।

Serolsar_Lake

पौराणिक मान्यता के अनुसार, According to mythology

बहुत से श्रदालु इस झील में स्तिथ मंदिर में देवता को घी अर्पित करते हैं। पौराणिक मान्यता के अनुसार यह कहा जाता है कि यह बहुत गहरी झील है, और इसमें बुधि नागिन खुद झील के तल में एक सुनहरे महल में रहते थे। सर्दियों के समय में यह सेरोलसर झील में 5-8 फीट तक बर्फबारी हो जाती है। पर्टयकों के लिए गर्मियों के दौरान यात्रा करने के लिए सबसे अच्छा समय माना जाता है। सैलानियों के लिए आवास प्रदान करने के लिए छोटे विश्राम गृह भी बनाए गए हैं।

Serolsar_Lake(2)