हिमाचल प्रदेश में स्तिथ “रुक्मणी कुंड” एक अद्भुत और रहस्मयी स्थान, Wonderful and mysterious place “Rukmani Kund”

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रुक्मणी कुंड हिमाचल प्रदेश के जिला बिलासपुर के सलासी गाव में स्तिथ है। यह लोकप्रिय कुंड घने शिवालिक हिल्स फॉरेस्ट के बीच में रॉकी पर्वत से घिरा हुआ एक जलाशय है। रुक्मणी कुंड की बिलासपुर से दुरी 28 किमी की है। ऐतिहासिक जानकारी के अनुसार रुक्मणी कुंड को रुक्मणी के बलिदान का स्थान माना जाता है, हर साल यहां एक मेला आयोजित किया जाता है। बलि के नाम पर कुछ वर्षों से यहां शुरू किया गया था। यहां एक मंदिर का भी निर्माण भी किया गया है। यह कुंड बहुत से गांवों के लिए पानी की आपूर्ति का स्रोत है। यहां के पानी से आस पास के कई गाव के लोगो का जीवन चलता है। यहां का पानी यहा आस-पास के लोगो के लिए अमृत से कम नही है। शिमला-धर्मशाला राजमार्ग पर बिलासपुर से औहर की ओर रुक्मणी कुंड के लिए एक मार्ग जाता है।

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पौराणिक कथा के अनुसार, According to legend

मान्यता है की एक बार इस स्थान में पानी की दिक्क्त बहुत अधिक हो गए थी।यहां के निवासियों ने यहां एक कुआँ खोदने के बारे में विचार किया, और यहां कुंआ खोदने लगे, कुएं खोदने के उनके बार-बार प्रयास के बावजूद पानी की कमी के कारण पूरा औहर क्षेत्र संकट में था। कुछ समय बाद एक बार राजा को एक सपना आया कि यदि उनके बेटे या बहू को बलि के रूप में चढ़ाया जाए तो इस स्थान में पानी निकल सकता है। जब इस बात की जानकारी उसकी बहू रुक्मणी को मिली तो उसने अपने पति की उपस्थिति में खुद को पेश किया। और अपनी बलि देने को कहा और राजा ने उसकी बलि दे दी। रुक्मणी के जीवन बलिदान करने पर इस स्थान में पानी निकल आया। मान्यता है की रक्मणी को इस स्थान में जिंदा दफनाया गया था। जहाँ आज हमारे पास यह कुंड है।

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श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए बांधी जाते है रिबन और चूड़ियाँ, Ribbons and bangles are tied to pay tribute

आज भी इस स्थान को देखने के लिए दूर दूर से पर्टयक यहां आते है। इस जलाशय के पानी की जादुई शक्ति के कारण कुंड की दीवारों से घास उगना उसके बाल माना जाता है। और जो लोग यहां गुमने के लिए आते है, वो रुक्मणी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए यहां रिबन और चूड़ियाँ बाँधते हैं। यह भी माना जाता है, की इस पानी में बहुत से ओषधि गुण पाए जाते है। इस झील के पानी से त्वचा की बीमारियों का इलाज होता है। मान्यता है की इसके बाद इस स्थान में कभी जल संकट नहीं हुआ। यहां तक ​​कि सिंचाई विभाग ने जलाशय में जल-लिफ्ट योजना शुरू की और उन्हें भी इस जलाशय के सूखने की समस्या का सामना नहीं करना पड़ा।

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कैसे पहुंचने रुक्मणी कुंड, How to reach Rukmani Kund

यदि आप इस रुक्मणी कुंड की यात्रा करना चाहते है, तो आप को यहां के लिए कोई भी सीधी बस नही है। पर्टयक यहां अपने निजी वाहन के माध्यम से यात्रा कर सकते है। पर्टयकों को भगेड़ह गांव से ( शिमला-धर्मशाला राजमार्ग पर) औहर की ओर जाना होगा। औहर – गेहरवीं सड़क पर आगे से रुक्मणी के लिए एक सीधा रास्ता है। तो औहर गेहरवीं सड़क पर 3 किमी आगे की ओर जाना है और वहाँ से रुक्मणी कुंड लगभग 2 किमी है। यदि आप को इस लोकप्रिय और रहस्मयी स्थान की यात्रा करनी है, तो एक बार इस स्थान में एक बार अवश्य भर्मण करे